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इंटरनल जांच में चला पता, प्रियंका गांधी के साथ सुरक्षा में नहीं हुई कोई चूक

प्रियंका गांधी ने उनके स्टाफ के साथ बदसलूकी करने का लगाया आरोप

नई दिल्ली: सीआरपीएफ(केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल) के अन्तरिम जांच में पता चला कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा सुरक्षा को लेकर लगाया गया आरोप झूठा है.

इंटरनल जांच में पाया है कि प्रियंका गांधी के साथ कोई सुरक्षा चूक नहीं हुई है. बता दें प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया था कि जिस जगह वह रुकी थी वहां यूपी पुलिस के एक अधिकारी ने आकर के उनके स्टाफ के साथ बदसलूकी की थी. प्रियंका गांधी ने यह भी आरोप लगाया था कि उनकी सुरक्षा में लापरवाही हुई है.

प्रोटोकॉल तोड़े जाने का जिक्र

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के कार्यालय ने CRPF को लिखित शिकायत दी थी कि जिसमें शनिवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा प्रोटोकॉल तोड़े जाने का जिक्र किया गया है. यह लिखित शिकायत प्रियंका गांधी के कार्यालय सहयोगी संदीप सिंह ने सीआरपीएफ के महानिरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह को दी गई थी.

सिंह ने दर्ज कराई शिकायत में लिखा है, “हजरतगंज के सर्किल ऑफिसर अभय मिश्रा पहले से इजाजत लिए बिना सुबह 8.45 बजे उस अहाते में घुस गए, जहां प्रियंका गांधी वाड्रा ठहरी हुई थीं. उन्होंने प्रियंका के कमरे से महज पांच मीटर की दूरी पर सुरक्षा प्रभारी सीआरपीएफ के जवान के साथ बक-झक की.”

प्रियंका के सहयोगी ने लिखा, “वह सीआरपीएफ के जवान पर बरस पड़े और प्रियंका के कार्यक्रमों की सूची मांगी, जबकि सूची शुक्रवार को ही प्रशासन को दे दी गई थी. उन्होंने जानकारी छुपाने का आरोप लगाया और धमकी दी कि वह किसी तरह की सुरक्षा मुहैया नहीं कराएंगे. यहां तक कि इस अहाते से दो कदम भी बाहर जाने की इजाजत नहीं देंगे.” सिंह ने मिश्रा के आचारण को गैर-पेशेवराना, गैर-कानूनी और गलत बताया.

जांच में सीआरपीएफ ने यह भी पाया हैं कि प्रियंका गांधी के पर्सनल स्टाफ ने प्रियंका की यात्रा से जुड़े नए रूट की जानकारी पहले से सीआरपीएफ से साझा नही की थी. साथ ही वह बिना बुलेट प्रूफ़ गाड़ी के जरिए दो पहिए वाली स्कूटी पर निकल गई थी. जिससे सुरक्षा करने में दिक्कत आई. प्रियंका गांधी को जेड प्लस सुरक्षा मिली है जो सीआरपीएफ करती है.

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