छत्तीसगढ़

14 सितंबर तक अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता सप्ताह का आयोजन, होगा विविध कार्यक्रम

मनीष शर्मा:

मुंगेली: अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस (08 सितम्बर) के उपलक्ष्य में साक्षरता सप्ताह 09 से 14 सितम्बर तक विविध कार्यक्रम आयोजित किये जाने हेतु राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार आज 09 सितम्बर को साक्षरता सभा एवं साक्षरता संगोष्ठी का आयोजन सामुदायिक भवन, पुराना बस स्टैण्ड मुंगेली में किया गया।

दीप प्रजवलित कर कार्यक्रम शुभारंभ

मुख्य अतिथि एवं जिला पंचायत अध्यक्ष कृष्णा दुर्गा बघेल ने दीप प्रजवलित कर कार्यक्रम शुभारंभ किया। तत्पश्चात उनके द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संदेश का वाचन किया गया।

अपने उद्बोधन में उन्होने कहा कि पढ़ने लिखने की कोई उम्र नही होती। आज के युग में केवल साक्षर होना ही पर्याप्त नही हैं बल्कि डिजिटली साक्षर होने की आवश्यकता हैं। वर्तमान सरकार के द्वारा सभी शहरी लोगों को डिजिटली साक्षर करने की कार्यवाही की जा रही हैं।

डिजिटली साक्षर होने की आवश्यकता

विशिष्ट अतिथि एवं सभापति, जिला पंचायत मुंगेली जागेश्वरी वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि सर्वप्रथम महिलाओं को साक्षरता के साथ-साथ डिजिटली साक्षर होने की आवश्यकता हैं, ताकि वे अपना काम स्वतंत्र रूप से कर सके।

मुख्यमंत्री शहरी कार्यात्मक साक्षरता कार्यक्रम अन्तर्गत संचालित ई-साक्षरता केन्द्र राज्य शासन की महत्वाकांछी योजना हैं। पूरे देश में यह अपने किस्म का प्रथम प्रयास हैं। पात्र हितग्राहियों को इसमें अवश्य भाग लेकर अपने जीवन को सुगम बनाना चाहिये।

यह प्रयास वंचित वर्ग के लोगों के लिये सराहनीय

कार्यक्रम को सभापति एवं विशिष्ट अतिथि उर्मिला रमेश यादव ने कहा कि वर्तमान शासन द्वारा साक्षरता के क्षेत्र में किया जा रहा यह प्रयास वंचित वर्ग के लोगों के लिये सराहनीय हैं। अपने स्वागत भाषण में जिला परियोजना अधिकारी डॉ. आई. पी. यादव ने बताया की जिले में ई-साक्षरता केन्द्र के माध्यम से नगर पालिका परिषद मुंगेली में 01 केन्द्र के माध्यम से 14 से 60 वर्ष के ऐसे डिजिटल असाक्षरों को प्रशिक्षित किया जा रहा हैं, जो शिक्षा के मुख्य धारा से किन्ही कारणों से मुक्त हो गये हैं। अब तक इस केन्द्र के माध्यम से मासिक 03 बैंचों के तहत् सफलतापूर्वक 75 शिक्षार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।

सभी डिजिटली असाक्षरों को उक्त प्रशिक्षण में भाग लेने हेतु अपील

उन्होंने उपस्थित लोगों से अपने आसपास के पात्र सभी डिजिटली असाक्षरों को उक्त प्रशिक्षण में भाग लेने हेतु अपील किया। अतिरिक्त कलेक्टर एवं सदस्य, जिला लोक शिक्षा समिति राजेश नशीने ने कार्यक्रम में कहा की मनुष्य को नये जमाने के साथ चलते हुये सारी नवीन बातों की जानकारी लेते रहनी चाहिये।

आज के इलेक्ट्रानिक युग में कम्प्यूटर ज्ञान के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, कानूनी साक्षरता, चुनावी साक्षरता, कौशल विकास, श्रेष्ठ पालकत्व, आत्मरक्षा के उपाये आदि महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी आवश्यक हैं, जो ई-साक्षरता केन्द्र के माध्यम से दिया जा रहा हैं।

जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग श्री राजेन्द्र कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि साक्षरता के क्षेत्र में महिलायें अधिक बेहतर तरीके से काम कर सकती हैं। जिला पंचायत के प्रतिनिधि कमलेश मिश्रा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

मुख्य अतिथि द्वारा द्वितीय बैंच के शेष डिजिटली नवसाक्षरों को प्रमाण पत्र

मुख्य अतिथि द्वारा द्वितीय बैंच के शेष डिजिटली नवसाक्षरों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। आभार प्रदर्शन सहायक परियोजना समन्यक अशोक कश्यप द्वारा किया गया कार्यक्रम में विकासखण्ड परियोजना अधिकारी रविन्द्र कुमार तिवारी, जिला स्त्रोत पुरूष परमानंद शर्मा, ई-एजुकेटर द्वय कु. भारती दुबे एवं ओमकार यादव, केशव प्रसाद पटेल सहित आंगनबाडी कार्यकर्ता, डिजिटली नवसाक्षर एवं छात्र-छात्रायें आदि उपस्थित थे।

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