अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कोरोना से लड़ने के लिए की मुफ्त में मदद करने की घोषणा

आईएमएफ पास 500 मिलि‍यन अमेरिकन डॉलर

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) पास 500 मिलि‍यन अमेरिकन डॉलर हैं, जो कि मुख्य रूप से जापान, ब्रिटेन, चीन और नीदरलैंड्स ने दिए हैं. वहीँ IMF ने विश्वास दिलाया कि वह इस महामारी से लड़ने के लिए मुफ्त में मदद करने और तत्काल ऋण देकर राहत देने को तैयार है.

आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने एक बयान में कहा, ‘यह हमारे सबसे गरीब और सबसे कमजोर सदस्यों को अगले छह महीनों में प्रारंभिक चरण के लिए अपने आईएमएफ ऋण दायित्वों को कवर करने और उन्हें अपने दुर्लभ वित्तीय संसाधनों को जुटाने में मदद करेगा.’ आईएमएफ बोर्ड ने जिन देशों के लिए ऋण राहत को मंजूरी दी है, उसमें लगभग पूरा अफ्रीका, अफगानिस्तान, यमन, नेपाल और हैती भी शामिल हैं.

कोष ने अमीर देशों से कहा

विश्व बैंक के साथ इस कोष ने अमीर देशों से कहा है कि वे 1 मई से 1 जून 2021 तक गरीब देशों से ऋण भुगतान न लें. ऋण में दी जा रही यह राहत आईएमएफ के आपदा रोकथाम और राहत ट्रस्ट (CCRT) द्वारा दी जाएगी, जिसे पहली बार 2015 में पश्चिम अफ्रीका इबोला के प्रकोप से निपटने के लिए स्थापित किया गया था. इसके बाद कोविड-19 के तहत देशों की मदद करने के लिए इसे फिर से पुनरुदेशित किया गया है.

जॉर्जीवा ने कहा, ‘मैं अन्य दाताओं से आग्रह करती हूं वे हमारे सबसे गरीब सदस्य देशों को पूरे दो साल के लिए अतिरिक्त ऋण राहत सेवा देने की हमारी क्षमता को बढ़ाने में मदद करें.’

पिछले हफ्ते ही विश्व बैंक ने कहा है कि वह 15 महीनों में आपातकालीन सहायता में 160 बिलियन अमेरिकन डॉलर देगा, जिससे वायरस से पीड़ित देशों की मदद की जाएगी. इसमें 76 गरीब देशों से लेकर अन्य सरकारों तक के कर्ज अदायगी के 14 बिलियन अमेरिकी डॉलर भी शामिल हैं.

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