आसमान से कूदकर महिलाओं को ‘आजादी’ सिखा रही ये स्काईडाइवर

35 साल की बाहारेह सस्सानी पेशे से तो अकाउंटेंट हैं लेकिन शौकिया तौर पर वो दुनियाभर में स्काईडाइविंग यानि पैराशूट पहनकर प्लेन से छलांग लगाती हैं

आसमान से कूदकर महिलाओं को ‘आजादी’ सिखा रही ये स्काईडाइवर

मध्य पूर्व के कई देशों की तरह ही ईरान में भी महिलाओं पर कई बंदिशें हैं। लेकिन बावजूद इसके कई महिलाएं भ्रम को तोड़ते हुए इस सामाजिक व्यवस्था को बदलने का प्रयास कर रही हैं। ऐसी ही एक महिला स्काईडाइवर है जो ऊंचाइयों से छलांग लगाकर ईरानी महिलाओं को आजादी की सीख दे रही हैं।

35 साल की बाहारेह सस्सानी पेशे से तो अकाउंटेंट हैं लेकिन शौकिया तौर पर वो दुनियाभर में स्काईडाइविंग यानि पैराशूट पहनकर प्लेन से छलांग लगाती हैं। ये न सिर्फ उनका शौक है बल्कि एक संघर्ष है उन ईरानी महिलाओं को प्ररेरित करने के लिए जो अपनी आजादी महसूस नहीं कर पातीं। सस्सानी कहती हैं, ‘मैं सभी महिलाओं को इस एडवेंचर का अनुभव करने के लिए प्रेरित करती हूं। स्काईडाइविंग से ऐसा लगता है कि जिंदगी में कुछ भी करने के लिए आजाद हैं।’

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आर्मी के साथ लगाती हैं प्लेन से छलांग
सस्सानी ने अभी दो साल पहले ही स्काईडाइविंग शुरू की है लेकिन इतने कम समय में ही वो 220 बार जंप कर चुकी हैं। ईरान में अभी पैराशूट जंप लगाने जैसे स्पोर्ट मर्दों का ही काम माना जाता है, इसी कारण वहां कोई प्राइवेट पैराशूट क्लब नहीं है। इसलिए जब ईरानी आर्मी लोगों को पैरा जंपिंग के लिए आमंत्रित करती है तो सस्सानी जरूर पहूंचती हैं और आर्मी वालों के साथ ही सैकड़ों किलोमीटर ऊंचाई से छलांग लगाती हैं।

‘मर्दों की तरह महिलाएं कुछ भी कर सकती हैं’
सस्सानी का नारा है कि मर्दों की तरह ही महिलाएं हर वो काम करने के काबिल हैं जो वो चाहती हैं। हालांकि ईरानी सरकार और समाज महिलाओं के प्रति ज्यादा लचीला नहीं है। मौजूदा समय में ईरानी महिलाओं को आर्मी में जाने की इजाजत भी नहीं है। सस्सानी हंसते हुए कहती हैं, ‘कई लोग मुझे ऐसी मानसिकता से देखते हैं कि मुझ जैसी लड़की से कौन शादी करेगा जो कंट्रोल से बाहर हो गई है। हालांकि कुछ लोग हैं जो मेरे काम को समझते हैं।’

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