छत्तीसगढ़राज्य

नेशनल एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड के साथ अंतर्राष्ट्रीय वाइट केन दिवस मनाया गया

देश की सबसे बड़ी डायरेक्ट सेलिंग एफएमसीजी कंपनी एमवे इंडिया ने 12 एनजीओ पार्टनर्स के साथ दृष्टिहीनों के लिए अनगिनत पहल करते हुए लगातार 17वें साल इंटरनेशनल वाइट केन डे का आयोजन किया।

एमवे इंडिया ने भारत की नेशनल असोसिएशन फॉर ब्लाइंड नामक संस्था के साथ मिलकर रायपुर के मरीन ड्राइव तेली बंधा पर दृष्टिहीनों को सही तरीके से सड़क पार कराने में सहायता देने के लिए जागरूकता अभियान के तहत लाइव डेमो का आयोजन किया।

इसका मकसद दृष्टिहीनों को सड़क पार कराने के सही तरीके का नागरिकों को मार्गदर्शन देना था। उन्होंने सभी वाहन चालकों और पैदल चलने वालों से दृष्टिहीनों को बिना किसी रुकावट के सड़क पार करने देने और सुरक्षित ढंग से आने-जाने के लिए जगह देने की अपील की।

दृष्टिहीन छात्रों को वाइट केन (सफेद छड़ी) के वितरण से इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में रायपुर के मेयर प्रमोद दुबे, सभापति प्रफुल्ल विश्कर्मा, पूर्व कमिश्न डिसबलेड छत्तीसगढ, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में एमवे इंडिया के कलस्टर ऑपरेशंस मैनेजर शक्ति सिंह भदौरिया, एमवे के स्टाफ और डायरेक्ट सेलर्स की मौजूद थे।

कार्यक्रम में रायपुर में एनबीए के सचिव हरजीत जुनेजा और अन्य अफसर भी मौजूद थे। इंटरनैशनल वाइट केन डे के संबंध में जागरूकता फैलाने के मकसद से कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य अतिथि भी एनएबी के स्टूडेंट्स के साथ रोड डेमो में शामिल हो गए।

इस अवसर पर एमवे इडिया के उपाध्यक्ष (पश्चिम और दक्षिण) संदीप प्रकाश ने कहा, ह्लहम दृष्टिहीनों के लिए 1998 से ही काम कर रहे हैं। इतने सालों में एमवे ने एक लाख से ज्यादा दृष्टिहीनों को बेहतर जिंदगी जीने के लिए अपना सहयोग दिया है।

इंटरनेशनल वाइट केन डे का आयोजन लोगों को यह याद दिलाने के लिए किया गया कि दृष्टिहीनों के प्रति वह विशेष शिष्टाचार बरतें और उनका खास खयाल रखे। शहर की भीड़ भरी सड़कों पर चलना हमेशा से उनके लिए चुनौती रही है।

इसलिए समाज का एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह ज्यादा बेहतर होगा, यदि हम दृष्टिहीनों के प्रति ज्यादा सहानुभूति रखें और उनके प्रति ज्यादा संवेदनशील बने।

रायपुर में एनएबी के सचिव हरजीत जुनेजा ने कहा, आज दुनिया भर में इंटरनैशनल वाइट केन इस मिशन के साथ मनाया जा रहा है, ताकि लोग उन चुनौतियों को महसूस कर सकें, जिनका दृष्टिहीन रोज सामना करते हैं।

एमवे देश की उन प्रमुख कंपनियों में से एक है, जिसने समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। हम एमवे इंडिया के आभारी हैं कि वह हमारी मदद के लिए आगे आई। ये प्रयास निश्चित रूप से हमें लंबे समय तक कार्य करने में मदद करेंगे।

दृष्टिहीनों  के लिए राष्ट्रीय परियोजना के तहत एमवे ने देखने में अक्षम लोगों के हित में कई पहल की है।
•    एमवे ने देश के 12 राज्यों में 85 हजार  से ज्यादा दृष्टिहीन छात्रों को ब्रेल पाठ्यपुस्तकें मुहैया कराई हैं।
•    एमवे 2008 से ही दृष्टिहीनों  को कंप्यूटर ट्रेनिंग दे रहा है। एमवे ने देश भर में 15 कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर खोले हैं। एमवे के सहयोग से खोले गए कंप्यूटर सेंटरों से 1000 दृष्टिहीन छात्र लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
•    एमवे ने इंदौर और मुदरै में 2 ऑडियो लाइब्रेरी की स्थापना की है। कोलकाता में ट्रैवल एंड टूरिज्म कोर्स लॉन्च किया है। मदुरै में एक बीपीओ की स्थापना की है, बेंगलुरु में ब्रेल लाइब्रेरी बनाई है। इसके अलावा दृष्टिहीनों   के लिए चंडीगढ़, रायपुर और गुवाहाटी में म्यूजिक एकेडेमी खोली है।
•    एमवे ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनाईओएस) के 12वीं कक्षा और दिल्ली यूनिवर्सिटी, मुंबई यूनिवर्सिटी और हैदराबाद/ईएफएलयू यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक सामग्री का डिजिलटाइशेन करने को अपना समर्थन दिया है। ये यूनिवर्सिटीज विशेष रूम से सक्षम छात्रों की मदद कर रही है।
•    दृष्टिहीनों  को शिक्षित करने की अपनी इसी प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए एमवे ने एंड्रॉयड बेस्ड एप्लिकेशन एक्सेबल रीडर लॉन्च किया है, यह टेक्सट को स्पीच में बदलने वाला इंजन है। इस इंजन की मदद से दृष्टिहीनों  को डिजिटल दस्तावेज पढऩे में आसानी होती है।
एमवे इंडिया की सीएसआर पहल के बारे में
•    एमवे इंडिया की सीएसआर क्षेत्र में की गई पहल इस विश्वास पर आधारित है कि समाज के प्रति जिम्मेदारी केवल परोपकार और समाज सेवा के कार्यों पर धन और संसाधन खर्च करना ही नहीं है। यह समाज में नवोन्मेष और जागृति लाने का मौका है। एमवे के विजन में लोगों को अच्छी जिंदगी गुजारने के लिए प्रेरित करने का विश्वास पिरोया हुआ है। सहकारी नागरिकता के प्रति प्रतिबद्धता के मामले में एमवे इंडिया जरूरतमंद लोगों तक पहुंचने और अच्छी जिंदगी गुजारने में मदद देने की दिशा में गंभीर और संगठित प्रयास कर रहा है।
•    एमवे इंडिया एक समग्र सीएसआर कार्यक्रम का अनुसरण करता है, जिसमें संस्थान की ओर से कई दिशाओं में की गई पहल शामिल हैं। इसमें एक जल संरक्षण परियोजना भी शामिल है, जो निर्माण संयंत्र के पास डिंडीगुल जिले में  स्थित है। एमवे अपॉरच्युनिटी फाउंडेशन ने डिंडीगुल जिले के 26 गांवों को लक्ष्य पर रखते हुए एक ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया है, जिससे स्वास्थ्य सेवों से वंचित लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जाएं। 12 महीनों में कुल 144 कैंप (एक महीने में 12)  हेल्थ चेकअप कैंप लगाए गए। इसके अलावा मरीजों का जनरल चेकअप किया गया। इस इलाज में जहां लाभार्थियों का जनरल चेकअप किया गया। वहीं चुनिंदा पैथोलॉजिकल टेस्ट भी किए गए और मरीजों को मुफ्त में दवाइयां भी दी गई।

•    एमवे का मुख्य फोकस दृष्टिहीनों  के कल्याण और हितों के समर्थन में कई पहल करने का है। एमवे ह्लसनराइजह्व नामक एक प्रोजेक्ट के तहत मूलभूत सुख-सुविधाओं से वंचित बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और साफ-सफाई की सुविधा उपलब्ध करा रहा है। इस परियोजना के तहत कंपनी मौजूदा समय में 15 एनजीओ को समर्थन दे रही है।

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