अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021: योग दर्शन कार्यक्रम का शुरुआत

कोविड महामारी ने लोगों में तनाव और चिंता को बढ़ा दिया है। रोग और आइसोलेशन न केवल रोगी के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं

ब्यूरो चीफ:- विपुल मिश्रा
रिपोर्टर :-प्रणव कुमार
बिलासपुर, 19 June 2021 : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दुनिया भर में मनाया जाता है। योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। कोविड महामारी ने लोगों में तनाव और चिंता को बढ़ा दिया है। रोग और आइसोलेशन न केवल रोगी के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं बल्कि भावनात्मक स्वास्थ्य और यहां तक कि उसके परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021 मानने हेतु अर्क वियत् फाउंडेशन, बिलासपुर व फुलवारी शिक्षण संस्था एवं गुरुकुल महिला महाविद्यालय, एनएसएस, रायपुर (छ.ग.) के संयुक्त तत्वावधान में योग दर्शन कार्यक्रम का शुरुआत किया गया जिसमें योगगुरु मनीष श्रीवास ने योग की बारीकियों को बहुत अच्छे तरीके से बताये और लोगो को योग करने की प्रेरणा व स्वास्थ्य शरीर प्राप्त करने के लिए योग गुण बताये। मनीष श्रीवास ने कहा योग समाधि है, योग आत्मसाक्षात्कार या आत्मबोध का आध्यत्मिक दर्शन है। योग जीवन-दर्शन, जीवन प्रबंधन व आत्मानुशासन हैं।अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021: योग दर्शन कार्यक्रम का शुरुआत

योग मात्र शाररिक व्यायाम नही अपितु सम्पूर्ण जीवन शैली है, चित को निर्मल व निर्भीक करने आध्यत्मिक विद्या ही योग दर्शन है। कार्यक्रम में योग के प्रकार की विवेचना किया गया जिसमे यम (शपथ), नियम (आत्म अनुशासन), आसन (मुद्रा), प्राणायाम (सुभाष नियंत्रण), प्रत्याहार (इंद्रियों का नियंत्रण), धारणा (एकाग्रता), ध्यान (मेडिटेशन), समाधि (बंधनों से मुक्ति या परमात्मा से मिलाप) एवं कोरोना के समय मे जो भी रियायत है उसे बताया गया शरीर को स्वस्थ रखने का मूल मंत्र दिया जिसमें सभी प्रतिभागियों ने बहोत सराहा।

कार्यक्रम अधिकारी रात्रि लहरी ने कहा

कार्यक्रम अधिकारी रात्रि लहरी ने कहा योग के माध्यम से मनुष्य प्रकृति से जुड़ता है। योग से मन एकाग्रचित्त रहता है, उसमे शीतलता का भाव आता है और चिंता जैसे विकारों का अंत होता हैं जिससे शारीरिक एवम मानसिक संतुलन बना रहता हैं।

अर्क वियत् फाउंडेशन के संस्थापक विनय सोनवानी ने कहा योग मनो-शारीरिक स्वास्थ्य, भावनात्मक सद्भाव बनाने में मदद करता है और दैनिक तनाव और उसके परिणामों का प्रबंधन करता है तथा इसके मदद से पूरी दुनिया में शांति और व्यवस्था स्थापित की जा सकती है। हम ऐसे कार्यक्रम का आयोजन आगे भी करेंगे ताकि लोगो को कोरोना महामारी के दौरान मानसिक तथा शारीरिक कठिनाइयों का सामना ना करना पड़े।

कार्यक्रम का संचालन फुलवारी अर्क वियत् फाउंडेशन के संस्थापक श्री विनय सोनवानी, फुलवारी शिक्षण संस्था के संस्थापक श्री नितेश साहू एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी रात्रि लहरी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में शिवम मिश्रा, मनुराज टंडन, रूपाली सोनवानी, निशा बंजारे, मृणाली, सौरभ चौरसिया, शबीहा परवीन एवं एफआईए के डाइरेक्टर दीपेंद्र बारमते मौजूद थे।

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