नेहरू नगर तिराहे पर हो रही लोडेड वाहनों की फिटनेस की जांच

भिलाई : आरटीओ अधिकारी पहले एआरटीओ दफ्तर के सामने नियम विरुद्ध लोडेड गाडिय़ों की फिटनेस कर रहे थे, अब शिकायत के बाद स्थान बदलकर नेहरू नगर स्थित गुरुद्वारा के सामने लोडेड गाडिय़ों की फिटनेस जांच की जा रही है। इसके चलते नेहरू नगर तिराहे पर लोडेड गाडिय़ों की कतारें लगी हैं। शिकायत के बाद भी नियम विरुद्ध लोडेड गाडिय़ों की फिटनेस जांच जारी है। उच्चाधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है।
मामले की शिकायत मिलने पर गाडिय़ों की फिटनेस जांचने वाले अफसरों को क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्रीकांत वर्मा ने नोटिस जारी किया था, मगर आगे की कार्रवाई नहीं हुई। संभवत: इसी वजह से अब स्थान बदलकर लोडेड गाडिय़ों की फिटनेस जांच किया जा रहा है। इस कार्यप्रणाली से परिवहन विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे हैं। बताया जाता है कि लोडेड गाडिय़ों की फिटनेस जांच का यह खेल करीब एक महीने से चल रहा है।
कैसे हो रही है जांच के नाम पर खानापूरी : हर साल गाडिय़ों की फिटनेस जांच करीब दस बिंदुओं पर होती है। यहां तो सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है। पहले आने वाले आवेदन पर अधिकारी चार-पांच बिंदुओं पर ऑब्जेक्शन कर रहे हैं। हर दिन दर्जनों गाडिय़ों की फिटनेस जांच की जा रही है। दो घंटे पहले जिन गाडिय़ों में आधा दर्जन खामियां बताई गई थीं, उन्हीं गाडिय़ों को दो घंटे बाद ओके कर दे रहे हैं। खामियां बताते समय आवेदन में लिखा गया कि डाला टूटा है, बैक लाइट फ्यूज है, आगे और पीछे का नंबर स्पष्ट नहीं है। वहीं दो घंटे बाद बिना किसी सुधार के इसे ओके कर दिया गया।
विभाग के नियमानुसार खाली गाड़ी की फिटनेस जांच परिवहन विभाग के दफ्तर में ही करना है। फिर भी दफ्तर से करीब चार किलोमीटर दूर गाडिय़ों की फिटनेस जांच की जा रही है। जानकारों का कहना है विभाग के अफसर अपनी कारगुजारी पर पर्दा डालने के लिए ऐसा कर रहे हैं, ताकि उनका काम बदस्तूर जारी रहे।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्रीकांत वर्मा ने कहा कि मामले में संबंधित अफसरों को नोटिस जारी किया गया है। उनसे अभी जवाब नहीं मिला है। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी।

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