IPL 2021: मुंबई इंडियंस के खिलाफ कोलकाता नाइटराइडर्स को क्यों मिली जीत, जानिए 5 बड़े रणनीति

नई दिल्ली. IPL 2021 के पहले चरण में कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) की टीम अच्छी स्थिति में नहीं थी, लेकिन टीम प्रबंधन ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में दूसरे चरण में नई रणनीति अपनाई और उसमें वह एक नए सलामी बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर को शामिल किया। इस बायें हाथ के बल्लेबाज ने पिछले मैच में रायल चैलेंजर्स बैंगलोर और अब मुंबई इंडियंस के खिलाफ टीम को आक्रामक शुरुआत दिलाकर उनकी रणनीति को सफल साबित किया। उन्होंने टीम का स्वरूप बदल दिया और उनके अच्छे प्रदर्शन से टीम का बल्लेबाजी क्रम भी दूसरे चरण में बदल गया।

वेंकटेश (53) और राहुल त्रिपाठी (नाबाद 74) की बेहतरीन पारियों से कोलकाता नाइटराइडर्स ने गुरुवार को अबूधाबी में गत विजेता मुंबई इंडियंस को सात विकेट से हरा दिया। मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 155 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। मुंबई के लिए क्विंटन डिकाक (55) और कप्तान रोहित शर्मा (33) ही कुछ हद तक क्रीज पर टिक पाए। जवाब में कोलकाता ने 15.1 ओवर में तीन विकेट खोकर 159 का स्कोर कर मैच अपने नाम कर लिया।

सलामी बल्लेबाजी में कई प्रयोग

लक्ष्य का पीछा करने उतरी केकेआर की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और शुभमन गिल 13 रन पर बुमराह के शिकार बने, लेकिन इसका असर वेंकटेश पर नहीं पड़ा और वह आक्रामक अंदाज में खेलते रहे, जबकि राहुल त्रिपाठी शुरुआत में अपनी पारी को जमाने की कोशिश करते रहे। केकेआर ने इस सत्र से पहले सलामी बल्लेबाजी में कई प्रयोग किए थे। सुनील नरेन, राहुल त्रिपाठी और नीतीश राणा को आजमाया गया, लेकिन यह कारगार साबित नहीं हुआ। अब केकेआर ने वेंकटेश और गिल से पारी का आगाज कराया जो दूसरे चरण में अब तक सफल साबित हुआ। वेंकटेश के अच्छा करने से राहुल तीसरे नंबर पर खेलने लगे, जबकि आंद्रे रसेल पर से थोड़ा भार कम करने के लिए नीतीश को चौथे या पांचवें नंबर उतारा जा रहा है।

डटकर किया सामना

वेंकटेश अय्यर ने आइपीएल में अपने पदार्पण मैच में रायल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ नाबाद 41 रनों की पारी खेली थी। अब मुंबई जैसी टीम के खिलाफ भी उन्होंने गेंदबाजों का डटकर सामना किया। चाहे बुमराह हों या एडम मिल्ने, वह गेंदबाज के नाम से नहीं, बल्कि उनकी गेंदों को पूरा सम्मान देकर खेल रहे थे। उन्होंने 25 गेंदों में 50 रन बनाकर आइपीएल में अपना पहला पचासा लगाया, लेकिन उन्होंने यह दिखा दिया कि उनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।

मध्य प्रदेश के वेंकटेश

वेंकटेश मध्य प्रदेश में जन्मे हैं और इस राज्य के लिए खेलते हैं। यहां यूएई आने से पहले भी वह जबरदस्त फार्म में थे। उन्होंने इंदौर में विजय हजारे ट्राफी में पंजाब के खिलाफ 146 गेंदों में 198 रन कूटे थे। वह बुमराह की धीमी गेंद को समझ नहीं पाए और छक्का जड़ने के चक्कर में बोल्ड हो गए।

भरोसेमंद राहुल

अय्यर का अच्छा साथ राहुल ने निभाया और दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 52 गेंदों में 88 रनों की साझेदारी की। वैसे राहुल पहले चरण में अच्छी फार्म में नहीं थे और दूसरे चरण में बैंगलोर के खिलाफ उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला। अब मुंबई के खिलाफ जिस अंदाज में वह खेले इससे उन्होंने केकेआर को भरोसा दिला दिया है कि इस सत्र में तो वह इस तीसरे स्थान पर टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज हैं। त्रिपाठी ने 29 गेंदों में बुमराह की गेंद पर छक्का जड़कर अपना पचासा पूरा किया।

राणा से पहला ओवर

इससे पहले कोलकाता के कप्तान मोर्गन ने टास जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। हार्दिक पांड्या लगातार दूसरा मैच खेलने नहीं उतरे। मोर्गन ने रोहित को आउट करने के लिए एक आश्चर्यजनक फैसला किया और पार्ट टाइमर स्पिन गेंदबाज नीतीश राणा को ओवर दिया लेकिन रोहित ने चौके के साथ उनका स्वागत किया। रोहित और डिकाक के आउट होने के बाद मुंबई की पारी धीमी पड़ गई और मध्य क्रम ने टीम को निराश किया। फिर आखिरी के ओवर में क्रुणाल पांड्या और कीरोन पोलार्ड ने तेजी से रन बटारने की कोशिश की, लेकिन दोनों ही लाकी फर्ग्यूसन के ओवर में लगातार दो गेंदों पर आउट हो गए।

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