कोई था वेटर, तो किसी के कम्पाउंडर पिता थे इस खेल के खिलाफ, अब बरस रहे हैं पैसे

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के रहने वाले कुलवंत खेजरोलिया किसी समय गोवा में वेटर का काम करते थे

कोई था वेटर, तो किसी के कम्पाउंडर पिता थे इस खेल के खिलाफ, अब बरस रहे हैं पैसे

आईपीएल के मैदान में इस बार आपको कुछ ऐसे खिला​ड़ी भी खेलते हुए दिखाई देंगे जिनकी पिछली जिंदगी के बारे में कहीं सुनने पढ़ने को नहीं मिला होगा। इनमें से एक क्रिकेटर ने तो ​वेटर की नौकरी करते हुए ये सफर तय किया तो वहीं एक ने बास्केटबॉल में नेशनल लेवल तक खेलने के बाद क्रिकेट को अपने कॅरिअर के रूप में चुना। जानिए, आईपीएल की नीलामी प्रक्रिया में ​फ्रेंचाइजियों द्वारा खरीदे गए इन अनसुने क्रिकेटरों के बारे में।
[responsivevoice_button voice=”Hindi Female” buttontext=”अगर आप पढ़ना नहीं चाहते तो क्लिक करे और सुने”]
राजस्थान के धौलपुर से नाता रखने वाले दीपक और राहुल चाहर रिश्ते में चचेरे भाई हैं। दोनों भाई राजस्थान की क्रिकेट टीम का अहम हिस्सा हैं और खास बात तो ये है कि दोनों के कोच भी एक। दीपक के पिता और राहुल के ताऊ लोकेंद्र सिंह चाहर ने ही क्रिकेट की हर एक बारिकी दोनों भाईयों को सिखाई हैं। दीपक और राहुल पिछले आईपीएल में राइजिंग पूणे सूपरजायंट्स की ओर से खेले थे मगर इस बार जहां दीपक चेन्नई सूपरकिंग्स की ओर से खेलते दिखाई देंगे तो वहीं राहुल मुुंबई इंडियंस से खेलेंगे।

कमलेश नागरकोटि का नाम इस वक्त हर किसी की जुबान पर है। पहले तो जयपुर के इस तेज गेंदबाज ने अंडर-19 विश्वकप में लगातार 150 किमी की रफ्तार से गेंदबाजी कर दिग्गजों को तारीफ करने पर मजबूर कर दिया वहीं दूसरी ओर आईपीएल की नीलामी में कोलकाता नाइटराइडर्स द्वारा 3.20 करोड़ रुपए में खरीदे जाने के बाद अब हर कोई इस 17 वर्षीय गेंदबाज को खेलते हुए देखना चाह रहा है। इससे पहले नागरकोटि जूनियर नेशनल लेवल बास्केटबॉल भी खेल चुके हैं।

राजस्थान के झुंझुनूं जिले के रहने वाले कुलवंत खेजरोलिया किसी समय गोवा में वेटर का काम करते थे जिसके बाद अपने दोस्त के कहने पर प्रोफेशनल क्रिकेट खेलने दिल्ली आ गए। दिल्ली में कुलवंत लाल बहादुर शास्त्री क्लब से जुड़े, जहां से गौतम गंभीर, नीतीश राणा और उन्मुक्त चंद जैसे क्रिकेटर सामने आ चुके हैं। कुलवंत को पिछली बार मुंबई इंडियंस की टीम ने खरीदा था जिसके बाद इस बार रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने उनपर दांव खेला है।

राजस्थान के टोंक जिले के रहने वाले खलील अहमद के पिता को क्रिकेट से इस कदर नफरत थी कि खलील ने कई सालों तक गुपचुप तरीके से तेज गेंदबाजी की बारीकियां सीखीं। खलील के पिता कंपाउंडर हैं और अब उनके बेटा क्रिकेट खेलकर उनके सभी सपनों को पूरा करेगा जिसके वो सख्त खिलाफ थे। खलील को इस बार सनराइजर्स हैदराबाद ने 3 करोड़ रुपए की बोली लगाकर खरीदा है।

advt
Back to top button