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राजस्थान पुलिस महानिदेशक पद से आईपीएस अधिकारी ने दिया इस्तीफा

30 नवम्बर तक यादव इस पद पर रहेंगे

जयपुर: राजस्थान पुलिस महानिदेशक पद से आईपीएस अधिकारी डॉ. भूपेंद्र सिंह यादव ने इस्तीफा दिया है. अपनी बेदाग और ईमानदार छवि के लिए मशहूर आईपीएस अधिकारी ने दो सप्ताह पहले ही राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इस्तीफा भेजकर इस पद से मुक्त करने की गुजारिश कर दिया है.

इस्तीफे की पेशकश के मुताबिक 30 नवम्बर तक यादव इस पद पर रहेंगे. यानि 30 नवम्बर तक सरकार को यूपीएससी के जरिये नए पुलिस महानिदेशक के चयन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

नए पुलिस महानिदेशक के लिए नियमों के मुताबिक 30 साल की सेवा वाले उन अधिकारियों का एक पैनल यूपीएससी को भेजना होगा जिनका कार्यकाल कम से कम छह महीने बचा हो. इस लिहाज से 1990 बैच तक के 10 अधिकारियों के नाम राज्य सरकार यूपीएससी को भेजेगी.

इन 10 दावेदारों में से यूपीएससी चयन प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार को तीन नामों का पैनल भेजेगी. उनमें से एक पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुहर लगाएंगे. नियमों के तहत सरकार 1990 बैच तक के अफसरों के नाम भेजेगी.

इन अधिकारियों के भेजे जायेंगे नाम

इसमें 1987 बैच के राजीव दासोत और मोहन लाल लाठर तथा 1988 बैच के भगवान लाल सोनी और उत्कल रंजन साहू डीजीपी की दौड़ में आगे बताये जा रहे हैं. इनमें से राजीव दासोत मई 2021 और भगवान लाल सोनी जून 2021 में रिटायर होंगे.

1989 बैच के उमेश मिश्रा, नीना सिंह और राजीव शर्मा के नाम भी पैनल में जाएंगे. जबकि 1990 बैच के राजीव शर्मा, श्रीनिवास राव जंगा और रवि प्रकाश मेहरड़ा के भी पैनल में नाम भेजे जाएंगे.

मोहन लाल लाठर का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है

30 वर्षीय की सेवाओं के आधार के आधार पर यूपीएससी तीन नामों की सिफारिश राजस्थान सरकार को करेगी. उन तीन नामों में से एक के नाम पर सीएम मुहर लगाएंगे. यूपीएससी चैयरमेन, राजस्थान के मुख्य सचिव, डीजीपी और यूपीएससी के एक सदस्य का बोर्ड इन तीन नामों को तय करेगा. जातीय समीकरणों के लिहाज से नये डीजीपी के लिये मोहन लाल लाठर का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है.

यादव के लिये तय होगी नई भूमिका

अपने कार्यकाल से करीब सात महीने पहले पद छोड़ने की पेशकश करने वाले डॉ. भूपेंद्र सिंह यादव को राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक राजस्थान पुलिस विश्वविद्यालय के कुलपति और पुलिस अकादमी के निदेशक जैसे कई प्रमुख पदों पर काम कर चुके डीजीपी यादव अपना भावी जीवन एनजीओ के जरिये समाज की सेवा में लगाना चाहते हैं.

लेकिन सरकार उन्हें राज्य लोक सेवा आयोग में भेजकर आयोग के सर्विस कलेंडर को नियमित करने की ईमानदार कोशिश के पक्ष में है. इस दौरान एक संभावना यह भी बताई जा रही है कि यादव का इस्तीफा स्वीकार कर मोहन लाल लाठर को नया डीजीपी बना यूपीएससी को बाद में पैनल भेज दे. सरकार ऐसा कर न केवल बड़े वोट बैंक जाटों को खुश करने के फेर में है, बल्कि दूसरे दावेदारों की कोशिश को भी कुंद कर सकती है.

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