ईरान ने किया समझौता, सीरिया की सेना को फिर से खड़ा करने में करेगा मदद

बेरूतः ईरान के रक्षा मंत्री आमिर हातामी का कहना है कि सीरिया की सेना को फिर से खड़ा करने के लिए ईरान ने उसके साथ एक समझौता किया है। गौरतलब है कि पिछले सात वर्ष से भी अधिक समय से गृह युद्ध से जूझ रहे सीरिया की सैन्य शक्ति लगभग खत्म होने की कगार पर है। सीरिया की दो दिवसीय यात्रा पर आये हातामी ने बेरूत के अल-मायादीन टीवी चैनल से कल कहा कि इस समझौते में सीरिया के सैन्य उद्योग का पुर्निनर्माण भी शामिल है।

ईरान द्वारा सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद का समर्थन किये जाने से नाराज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा कठोर रूख अपनाए जाने के बाद यह घोषणा हुई है। अमरीकी की मांग है कि ईरान खुद को सीरिया से अलग कर ले। पिछले महीने से ईरान के खिलाफ दोबारा लगाए गये प्रतिबंधों में नरमी लाने की यह अमेरिका की एक पूर्वशर्त है। इस्राइल भी सीरिया में ईरान की बढ़ती भूमिका के प्रति आलोचनात्मक रूख रखता है।

इस्राइल का कहना है कि वह अपनी सीमाओं के पास स्थाई रूप से ईरानी सेना की मौजूदगी को बर्दाश्त नहीं करेगा। पिछले सात वर्ष से सीरिया में जारी गृहयुद्ध के दौरान ईरान अल-असद सरकार का प्रमुख सहयोगी रहा है। यह अल-असद सरकार को सलाहकार, सैन्य आपूति, प्रशिक्षण और हजारों की संख्या में मिलिशिया सेना मुहैया करा रहा है। हातामी ने कहा कि सीरियाई सरकार के न्योते पर ईरान यहां आया है। हालांकि दोनों देशों के बीच हुए समझौते की विस्तृत जानकारी नहीं दी गयी है।

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