विडंबना : खुले आसमान के नीचे नौनिहाल ले रहे ज्ञान

जशपुर।

पत्थलगांव जनपद के तिरसोठ प्राथमिक शाला में पढ़ने वाले छात्र खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। सरकारी स्कूल के भवन की हालत बेहद जर्जर है। इस वजह से शिक्षक पिछले चार साल से बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ाई कराते हैं।

स्कूल में कुल 52 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। स्लूल भवन की हालत जर्जन होने की वजह से स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को मजबूरन खुले आसमान के नीचे ज्ञान अर्जित करना पड़ रहा है। मौसम साफ होने पर तो मैदान में पढ़ाई होती है, लेकिन बारिश के शुरू होते ही इसे बंद कर दिया जाता है।

ऐसा भी नहीं है कि इस सरकारी स्कूल की जर्जर हालत को देखते हुए नए भवन की मांग नहीं कि गई हो । शिक्षा समिति के अध्यक्ष व उपसरपंच किशोर बेहरा बताते हैं। कि जनदर्शन में नए भवन की मांग किए एक साल से ज्यादा का वक्त बीत गया है। लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। यही वजह है कि लोग ने अब बच्चों को पढ़ने के लिए नहीं भेजना चाहते जिसकी वजह से बच्चों की हाजरी भी कम हो रही है ।

खुले आसमान में स्कूल संचालित होने की जानकारी स्कूल प्रबंधन की ओर से ब्लॉक और जिला स्तर के अधिकारियों तक लगातार भेजी जाती है, लेकिन 4 साल होने के बाद भी न तो स्कूल की मरम्मत हुई न ही नए भवन बनाने की मांग पूरी की गई। शिक्षक भी क्या करें,स्कूल आते हैं खुले आसमान के नीचे अपना कर्तव्य पूरा कर चले जाते हैं।

वहीं नवपदस्थ बीईओ डी आर भगत स्कूल की स्थिति जानकर हैरान हैं। उनका कहना है कि जर्जर स्कूल का निरीक्षण कर जल्द ही उच्चाधिकारियों से वैकल्पिक व्यवस्था कराने की दरख्वास्त की जाएगी।

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