छत्तीसगढ़

अनियमित कर्मचारियों ने खत्म की हड़ताल

-1 लाख 80 हजार कर्मचारी 22 दिनों से कर रहे थे प्रदर्शन

रायपुर.

पिछले 22 दिनों से हड़ताल कर रहे प्रदेभर के 1 लाख 80 हजार अनियमित कर्मचारियों ने आज अपना हड़ताल खत्म कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक अनियमिय कर्मचारियों की हड़ताल पर प्रशासन और शासन के साथ सकारात्मक चर्चा हुई। जिसके बाद अनियमित कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया।

बताया जा रहा है कि अनियमित कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों और मुख्य सचिव की मुलाकात में अधिकतर मांगों पर सहमति बनी है। वहीं, बर्खास्त कर्मियों की बर्खास्तगी को भी शून्य करने का आश्वासन मिला। आपको बता दें कि 1 प्रदेशभर के लाख 80 हजार अनियमित कर्मचारियों की हड़ताल से प्रदेश भर की शासकीय सेवाएं थी प्रभावित हो गई थी। आज 22 दिनों के बाद अपनी हड़ताल खत्म करने के बाद फिर से काम पर लौटेंगे।

-यह हैं मांगें

संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष हेमंत सिन्हा ने बताया, कि संघ सेवावृद्धि एवं सेवा से पृथक करने का भय समाप्त करने, वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने, विगत कुछ वर्षों में सेवा से पृथक किए गए कर्मचारियों को सेवा में बहाल करने, शासकीय- अर्धशासकीय कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी-अधिकारियों को नियमित करने, आउट सोर्सिंग-ठेका प्रथा पूर्ण रूप से बंद कर शासकीय सेवक का दर्जा देने की मांग प्रमुख है।

अनियमित कर्मचारियों की आज हड़ताल खत्म हो जाएगी। आपको बात दें कि सरकार को मनाने के लिए गुरुवार को हड़ताली कर्मचारियों ने 1001 कांवर में महादेव घाट स्थित मंदिर में जल चढ़ाने का संकल्प लिया गया था, जिसकी विधिवत सूचना प्रशासन को दी गई थी। जबकि प्रशासन ने केवल 51 कांवर ले जाने की ही अनुमति प्रदान की है। आज महादेव ने उनकी मुराद को सुनने के बाद सरकार ने उनकी मांगों पर सहमति बन गई।

हालांकि इस मामले में सरकार और कर्मचरियों के बीच विवाद के बाद इस पर महासंघ के उपाध्यक्ष हेमंत सिन्हा ने कहा था, कि सरकार हमारे धार्मिक अधिकारों का भी हनन करना चाह रही है।

महासंघ के अध्यक्ष अनिल देवांगन ने कहा, कि रमन सरकार ने 180 दिनों की छूट में ऐसी शर्त रखी है, जिसके अनुसार महिलाओं को समय देख कर गर्भ धारण करना पड़ेगा, क्योंकि यह अवकाश 180 दिनों या संविदा अवधि समाप्ति, जो भी पहले हो, उसी दिन तक ही मिलेगी अर्थात संविदा अवधि समाप्ति के तीन माह पूर्व कोई महिला मातृत्व अवकाश लेती है, तो नियत समय पर उसकी संविदा अवधि अगले वर्ष हेतु नहीं बढ़ाई जाएगी।

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