स्मार्ट सिटी सड़क में अनियमितता, हाई कोर्ट ने निरस्त किया टेंडर

हाई कोर्ट की युगलपीठ ने इस प्रकरण की सुनवाई के बाद टेंडर निरस्त कर दिया है।

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा
बिलासपुर : स्मार्ट सिटी द्वारा व्यापार विहार में निर्माणाधीन सड़क में विद्वुतीकरण के टेंडर में अनियमितता बरतने का मामला सामने आया है। हाई कोर्ट की युगलपीठ ने इस प्रकरण की सुनवाई के बाद टेंडर निरस्त कर दिया है। साथ ही याचिकाकर्ता कंपनी से चर्चा कर उसे टेंडर देने या फिर नए सिर से टेंडर जारी करने का आदेश दिया है।

स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी द्वारा व्यापार विहार में सड़क निर्माण कराया जा रहा है। सड़क निर्माण के साथ ही इसमें विद्वुतीकरण के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने नवंबर 2020 में टेंडर जारी किया था। टेंडर की इस प्रक्रिया में अनियमितता व चहेते ठेका कंपनी को उपकृत करने का आरोप लगाते हुए चांपा के मेसर्स रामगोपाल सोमानी ने अपने वकील क्षितिज शर्मा हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

इसमें बताया गया कि याचिकाकर्ता कंपनी ने भी टेंडर की इस प्रक्रिया में भाग लिया था, जिसमें उनका लोवेस्ट रेट दूसरे नंबर पर था। याचिकाकर्ता कंपनी ने लोवेस्ट रेट सबसे कम वाली कंपनी फ्यूचर इंजीनियरिंग के संबंध में जानकारी जुटाई, तब गड़बड़ी का पता चला। याचिका में आरोप लगाया गया है कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी ने सुनियोजित तरीके से प्रतिवादी कंपनी उपकृत करने के लिए टेंडर जारी किया है।

जिस कंपनी को ठेका दिया गया है वह निविदा की शर्तों का पूरी तरह से पालन नहीं कर रहा है। इस प्रकरण की सुनवाई हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस एनके चंद्रवंशी की युगलपीठ में हुई। याचिकाकर्ता के साथ ही अन्य पक्षकारों के तर्कों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने मेसर्स फ्यूचर इंजीनियरिंग को दिया गया टेंडर को गलत मानते हुए उसे निरस्त कर दिया है

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