छत्तीसगढ़

गणवेश निर्माण संबंधी कार्यों में बर्दाश्त नहीं की जाएगी अनियमितता: गुरु रूद्रकुमार

ग्रामोद्योग मंत्री ने ली हाथकरघा संघ की विभागीय समीक्षा बैठक

रायपुर: ’हाथकरघा में गड़बड़झाला’ शीर्षक वाले समाचार को संज्ञान में लेते हुए ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार की अध्यक्षता में हाथकरघा संघ की समीक्षा बैठक ली गई। ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार के निर्देश पर प्रबंध संचालक राज्य हाथकरघा संघ द्वारा कमेटी गठित कर जांच करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

मंत्री गुरु रुद्रकुमार ने कहा कि गणवेश निर्माण संबंधी कार्यों में अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में ग्रामोद्योग विभाग अपनी पूर्ण सहभागिता निभाते हुए स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया है।

मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने बैठक में हाथकरघा संघ के प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा को प्रकाशित समाचार के संदर्भ में विस्तृत जांच और परीक्षण कराकर 15 दिवस में अवगत कराने के निर्देश दिए हैं, साथ ही जांच में जो भी अधिकारी-कर्मचारी की संलिप्तता पाए जाने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में हाथकरघा संघ के प्रबंध संचालक ने जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित, रायपुर द्वारा प्रदेश के 234 बुनकर सहकारी समितियों के माध्यम से हाथकरघा वस्त्र उत्पादन तथा 486 महिला स्व-सहायता समूहों को गणवेश सिलाई में संलग्न कर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 45000 लोगों को नियमित रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।

गणवेश निर्माण में छत्तीसगढ़ के 5832 महिलाओं को मिल रहा रोजगार

छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर द्वारा गणवेश सिलाई के कार्य में छत्तीसगढ़ के लोगों को ही प्राथमिकता से कार्य दिया जा रहा है। गणवेश सिलाई के इस कार्य में अन्य प्रदेश के लोग शामिल नहीं हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर के प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा ने बताया कि ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित रायपुर द्वारा कोरोना संक्रमण के बावजूद प्रदेश के 486 महिला स्व-सहायता समूह को गणवेश सिलाई के माध्यम से 5832 महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करा रही है।

महिला स्व-सहायता समूह को समय-सीमा में गणवेश आपूर्ति करने के लिए फरवरी 2020 से ही गणवेश सिलाई का कार्य चालू किया गया था। कोरोना संक्रमण के कारण महिला स्व-सहायता समूह द्वारा गणवेश सिलाई में विलंब हुआ।

संघ कार्यालय द्वारा प्रदेश के महिला स्व-सहायता समूह जो संघ के निर्धारित मापदण्ड के अनुसार 486 महिला स्व-सहायता समूह को गणवेश सिलाई का कार्य आदेश दिया है एवं उन्हीं महिला स्व-सहायता समूह को सिलाई के विरूद्ध आर.टी.जी.एस. के माध्यम से सिलाई पारिश्रमिक भुगतान किया गया है। महिला स्व-सहायता समूह के सिलाई क्षमता, कुशलता, दक्षता के आधार पर गणवेश सिलाई का कार्य संघ द्वारा दिया जाता है।

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