वनांचल ग्राम तेंदूबाय, गवरमुंड और कुल्हाड़ीघाट में नाले के पानी से खेतों में सिंचाई

नरवा से सिंचाई की योजना हो रहा साकार

हितेश दीक्षित

गरियाबंद: शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, घुरूवा, गरूवा और बाड़ी में से एक महत्वपूर्ण नरवा के पानी से खेतों में हरियाली पहुंचाने का कार्य गरियाबंद जिले में सौर सामुदायिक सिंचाई योजना के तहत बखूबी किया जा रहा है। पावर फाईनेंस कार्पोरेशन लिमिटेड एवं छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण क्रेडा के सहयोग से जिला अंतर्गत वनांचल ग्राम तेंदूबाय, कुल्हाड़ीघाट एवं उनके आश्रित ग्राम गवरमुंड के 126 हेक्टेयर जमीन पर आज सिंचाई की जा रही है।

वनांचल और जिला मुख्यालय से दूरस्थ इन ग्रामों में सिंचाई के नाम पर कुछ भी नहीं था, फसल पूरी तरह मानसून पर निर्भर था। पहाड़ी और तलहटी क्षेत्र में बसे होने के कारण विद्युत की आपूर्ति भी बाधित थी। क्रेडा के सहायक अभियंता इंदुभूषण साहू ने बताया कि जिला प्राशासन की पहल पर इन ग्रामों का सर्वेक्षण कर एक खास योजना तैयार की गई, वह है सौर सामुदायिक योजना। इसके तहत पास में बहने वाले स्थानीय नाला को रोककर खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई। फलस्वरूप आज लगभग 126 हेक्टेयर खेत में फसल लहलहा रही है और किसान के चेहरे पर मुस्कान बिखर रही है।

सांसद आदर्श ग्राम कुल्हाड़ीघाट के जंगल के पास पनईकच्छार नामक एक सरार है, जो बारहमासी लबालब रहता है, परन्तु इस पानी का उपयोग केवल मवेशी के लिए ही हो पाता था। प्रशासन की पहल पर सरार के पानी को खेतों तक पहुंचाने के लिए योजना बनाई गई, जिसके तहत 10-10 एचपी क्षमता के कुल 4 सोलर पंपों की स्थापना की गई, जिससे ग्राम के 49 किसान 60-60 हेक्टेयर कृषि भूमि में मक्का, धान आदि की फसल ले रहे हैं। ग्राम के किसान मनोहर बघेल और शहद सोरी बताते है कि पहले यह जमीन बंजर जैसी थी। कभी-कभी कोदो, कुटकी व धान की फसल ले लेते थे, मगर अब मक्का, गेंहू और धान की फसल ले रहे हैं। यह योजना उनके लिए वरदान साबित हुई है।

इसी तरह इसी ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम गंवरमुंड के किसान लक्ष्मण कुमार ने भी मक्का और धान फसल लेने की बात कही। वनांचल ग्राम होने एवं नदी नालों से घिरा होने के कारण यहां पानी की उपलब्धता तो रहती थी, परंतु नरवा के पानी को खेतों तक पहुंचाने की समस्या थी, जिसे इस योजना के तहत सफल किया गया। यहां 10-10 एचपी के चार सोलर पंप एवं पाईप लाईनिंग का कार्य किया गया है, जिसमें 31 किसान 45 हेक्टेयर की खेती कर रहे हैं।

ग्राम तेंदूबाय की भी यही कहानी है। जिले के जीवनदायनी सिकासार बांध के समीप होने कारण यहां स्थानीय नाले में पानी की आपूति रहती है, जिसे ध्यान में रखकर 75-75 एचपी के दो सोलर पंप स्थापित किये गये। जिससे यहां 10 किसानों द्वारा 70-80 हेक्टेयर कृषि भूमि में अब सिंचाई की जा रही है। यह योजना निश्चित रूप से किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रहा है। बंजर भूमि भी अब वरदान साबित हो रहा है।

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