छोटे बच्चों की आंखों में काजल लगाना सही है या नहीं?

भारतीय माएं अपने बच्चे को बुरी नजर से बचाने के लिए माथे पर काजल लगाती हैं

नन्हें-मुन्हों की आंखों पर लगा काजल देखने में बहुत प्यारा लगता है। वैसे भी भारतीय माएं अपने बच्चे को बुरी नजर से बचाने के लिए माथे पर काजल लगाती हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि बच्चों की आंखों पर काजल लगाना पूरी तरह से सुरक्षित नहीं। काजल लगाने से बच्चों की आंखों ही नहीं बल्कि दिमाग पर भी बुरा असर पड़ता है।

तो चलिए जानते हैं बच्चों की आंखों पर काजल लगाने से होने वाले नुकसान।

कितना सुरक्षित है काजल लगाना

बच्चों की आंखें बहुत ज्यादा नाजुक और संवेदनशील होती है। इतनी नाजुक होती हैं कि अगर गलती से भी काजल उनकी आंखों के अंदर चला जाए तो बच्चों को बहुत ज्यादा जलन होती है। इसके अलावा जब आप बच्चे को नहलाते हैं तो कई बार काजल उसके नाक के अंदर चला जाता है। यह नाक के अंदर होने वाले छोटे-छोटे रोमछिद्रों को बंद कर देते हैं। इससे बच्चों को इंफ्केशन के साथ-साथ कई और तरह की समस्याएं हो सकती हैं।

काजल लगाने से होने वाले नुकसान

1. संक्रमण

काजल लगाने से बच्चों की आंखों से पानी बहना शुरू हो जाता है। लगातार बह रहें पानी से उनको इंफैक्शन होने का खतरा बना रहता है।

2. खुजली

बच्चे को रोजाना काजल लगाने से वह उसकी आंखों पर जमने लगता है। काजल के जमने से शिशु की आंखों में खुजली होने लगती है। बच्चे की आंखों को हैल्दी रखने के लिए रोजाना काजल लगाने से बचें।

3. दिमाग

बाजर में मिलने वाले काजल में बहुत ज्यादा मात्रा में लेड होते हैं जो बच्चों के दिमाग को नुकसान पहुंचाता है। एेसे में बच्चे के दिमागी विकास के लिए काजल लगाने से बचें।

4. ड्राई आंखे

बच्चे को काजल लगाने के बाद अगर वह अपनी आंखों को मलना शुरू कर देते है तो इसका मतलब है कि वह उसको आंखों में जल न हो रही है। जब भी आपको लाडला एेसा करने तो तुरंत उसकी आंखों से काजल पोंछ दें।

अगर लगाना है तो घर का बना काजल लगाएं

कुछ लोग घर का बना हुआ काजल बच्चों की आंखों पर लगाते हैं। बाजरी काजल की अपेक्षा घर में बना काजल ज्यादा सेफ होता है। मगर ध्यान रहें काजल बनाते समय साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखें।

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