क्या दबाव में लिखवाया जा रहा है पुलिस कर्मचारियों से यह पत्र ?

उच्च अधिकारी अब इन पत्रों को स्वयं वायरल कर रहे हैं।

कोरबा। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कार्यरत करीब 3 दर्जन पुलिसकर्मियों ने पुलिस कप्तान कोरबा मयंक श्रीवास्तव को एक हस्ताक्षर सहित आश्वासन पत्र सौंपा है पुलिस कर्मियों ने जिले के कप्तान को इस पत्र के माध्यम से आश्वासन दिया है,

कि 25 जून को विभिन्न मांगों को लेकर रायपुर में प्रस्तावित आंदोलन में न ही वे स्वयं और न ही उनके परिवार का कोई सदस्य इस धरना-प्रदर्शन का हिस्सा बनेगा। यह बड़े आश्चर्य की बात है कि यह पत्र पुलिस के कर्मचारी अपने उच्च अधिकारी को प्रेषित कर रहे हैं.

जबकि उन्हें पता है कि हर परिवारजन बालिग है और अपनी बात शासन तक शांतिपूर्ण तरीके से रखने का हकदार है मगर इसके बावजूद पत्र में लिखा जा रहा है कि वे प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस आंदोलन को किसी तरह का सहयोग नही करेंगे।

ज्ञात रहे की जिला पुलिस के उच्च अधिकारी अपने मातहत कर्मचारियों को हिदायत दे चुके है कि यह आंदोलन पूरी तरह से गैरकानूनी है लिहाजा अगर इसमे किसी भी कर्मी की संलिप्तता सामने आती है तो उसे सेवा आचरण के उल्लंघन के एवज कानूनी कार्रवाई के अलावा विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

सम्भव है कि आने वाले दिनों में इस तरह का पत्र जिले के अलग-अलग थाने के स्टाफ के द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय को प्रेषित किया जाए। अब इस हस्ताक्षरयुक्त पत्र के पश्चात यह कयास लगाया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार के फरमान पर ऐसे सहमति पत्र दबाव पूर्वक लिखवाया जा रहा है,

अन्यथा इन पत्रों का कोई औचित्य नहीं है…। मजे की बात यह है कि अधिकांश मामलों में बड़े-बड़े घटनाक्रमों में चुप्पी साध लेने वाले उच्च अधिकारी अब इन पत्रों को स्वयं वायरल कर रहे हैं।

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