अमरनाथ यात्रा पर आईएसआईएस की नजर, कार-बस हमला करने का मिला इनपुट

जवानों की नए सिरे से तैनाती शुरू

नई दिल्ली। अमरनाथ यात्रा पर आतंकी खतरा मंडरा रहा है। 28 जून से शुरू होने वाली यात्रा को लेकर केंद्र सरकार बेहद चौकन्नी है। एक खुफिया जानकारी के मुताबिक आतंकवादी अमरनाथ यात्रियों पर कार बस से हमला करने की फिराक में हैं।

इसके लिए आतंकियों को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में ट्रेनिंग दी जा रही है। ऐसे ही आतंकियों से निपटने के लिए करीब 40 हजार जवान तैनात किए हैं।

इंटेलिजेंस एजेंसियों की तरफ से जम्मू कश्मीर में 28 जून से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा पर आतंकवादी हमलों की चेतावनी के बाद सुरक्षा बलों ने लक्षित और सूचना-आधारित आतंक-विरोधी अभियानों के लिए जवानों की नए सिरे से तैनाती शुरू कर दी है।

इंटेलिजेंस इनपुट में ये बात सामने आई है कि लश्करे-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन की दक्षिण कश्मीर में- खासकर शोपियां, अनंतनाग, बड़गाम, कुलगाम और पुलवामा में गतिविधियों में लगातार तेजी आई है और ये आने वाले दिनों में और हमलों के लिए स्लीपर सेल्स को सक्रिय कर रहे हैं।

20 पन्नों की इंटेलिजेंस रिपोर्ट जारी की गई है। जिसमें आने वाले दिनों में सुरक्षा बलों पर हमलों में बढ़ोत्तरी की चेतावनी दी गई है। इंटेलिजेंस रिपोर्ट में सीमा पार से हुई बातचीत को डिकोड करने से पता चला है कि घाटी में शांति भंग करने और अव्यवस्था फैलाने के लिए राजनीतिक कार्यकर्ता पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों का आसान निशाना हो सकते हैं।

इस बात की आशंका है कि हमला करने के लिए आतंकवादी नेशनल हाईवे के करीब छिपने की जगहों पर होकर हमले को अंजाम दे सकते हैं। इंटेलिजेंस रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया है कि आतंकवादियों के छिपने के संदिग्ध ठिकानों पर सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई जाए और साथ ही विभिन्न बलों के बीच तालमेल बेहतर किया जाए।

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