परीक्षा पद्धति एवं लेखन शैली पर ध्यान देना भी अत्यंत आवश्यक :डाॅ. संजन

-सिविल सर्विसेस परीक्षा पर मार्गदर्शन

अंबिकापुर।

श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय में व्यक्तित्व विकास एवं कैरियर गाइडेंस कार्यक्रम के अंतर्गत सिविल सर्विसेस परीक्षा पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन महविद्यालय सभाकक्ष में किया गया। इसके अंतर्गत मुख्य वक्ता डाॅ. संजन कुमार ने छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय के सचिव अजय कुमार इंगोले प्राचार्य डाॅ. राजेश श्रीवास्तव, छात्रसंघ अध्यक्ष कु. रश्मि कुजूर ने पुष्पगुच्छ प्रदान कर डाॅ. संजन कुमार का स्वागत किया।

प्राचार्य ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए महाविद्यालय की पृष्ठभूमि पर संक्षिप्त रूप से प्रकाश डाला।

महाविद्यालय के सचिव अजय कुमार इंगोले ने मुख्य वक्ता का परिचय प्रस्तुत करते हुए बताया कि डाॅ. कुमार दिल्ली में सिविल सर्विसेस की तैयारी हेतु छात्र-छात्राओं को विगत 15 वर्षों से मार्गदर्शन प्रदान कर रहें है तथा इनके अनेक विद्यार्थी भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के रूप में कार्यरत हैं।

अपने सम्बोधन में डाॅ. संजन कुमार ने कहा कि विद्यार्थी अपने अन्दर में निहित प्रतिभा को पहचानें तथा निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अनुशासन एवं लगन से प्रयास करें।

अखिल भारतीय सिविल सर्विसेस परीक्षा के पैटर्न एवं उसकी तैयारी के बारे में बताते हुए उन्होंने सफलता हेतु जिज्ञासा, संकल्प, परिश्रम तथा जागरूकता के साथ ही निष्ठा, ईमानदारी एवं समय प्रबंधन जैसे गुणों का विकास करने के साथ ही पाठ्यक्रम, विषय, परीक्षा पद्धति एवं लेखन शैली पर ध्यान देना भी अत्यंत आवश्यक है।

क्षेत्र के विद्यार्थियों को सही पथप्रदर्शन की दिशा में श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय अच्छी भूमिका का निर्वाह कर रहा है तथा मुझे विश्वास है कि यहां के विद्यार्थी सफलता के उच्च सोपान पर स्वयं को स्थपित करने में सफल होंगे। उन्होने विद्यार्थियो को लक्ष्य निर्धारण एवं व्यक्तित्व विकास के लिए प्रेरित करते हुए लक्ष्य प्राप्ति के अवरोधो तथा उन पर नियंत्रण के उपाय भी बताये तथा विस्तार से इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन बावत् महाविद्यालय में पुनः उपस्थित होनें की सहमति प्रदान की।
अंत में सचिव एवं प्राचार्य ने उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किया। कार्यक्रम में छात्र संघ पदाधिकारी, सभी छात्र-छात्राएॅ व प्राध्यापकों के साथ विशेष रूप से अतुल त्रिपाठी एवं डाॅ. अजय तिवारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन तथा आभार प्रदर्शन क्रीड़ा अधिकारी ब्रम्हेश श्रीवास्तव ने किया।

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