समलैंगिक GAY के लिए नर्क है इन 5 देशों में जन्म लेना, पता चलते ही फांसी पर चढ़ा देती है सरकार

आज हम आपको ऐसे ही कुछ देशों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां समलैंगिक होना अभिशाप है और इसका अंजाम मौत है।

नई दिल्ली। 17 मार्च 2021 को जापान ने समलैंगिक संबंधों को मंजूरी दे दी। इनके अधिकारों को लेकर जापानी सरकार ने बड़ा फैसला सुनाया है। इसमें गे और लेस्बियन को शादी करने का अधिकार दिया गया है। इसके बाद जापान में सेम सेक्स कपल्स के बीच ख़ुशी की लहर है। दुनिया में अब ऐसे कई देश हैं, जहां समलैंगिक और LGBT ग्रुप्स को अधिकार दिए जाते हैं। लेकिन फिर भी कुछ ऐसे देश हैं, जहां अभी भी इनके लिए जिंदगी अभिशाप है। आज हम आपको ऐसे ही कुछ देशों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां समलैंगिक होना अभिशाप है और इसका अंजाम मौत है।

सऊदी अरब

सऊदी अरब में LGBT कम्युनिटी को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां समलैंगिक संबंध गैरकानूनी है। चाहे वो महिला हो या पुरुष। यहां सरकार इन्हें मान्यता नहीं देती है। अगर कोई समलैंगिक संबंधों के आरोप में पकड़ा जाता है तो उसे कई तरह की सजा जिसमें उम्रकैद, फाइन और फांसी तक शामिल है।

नाइजीरिया

इस देश में LGBT कम्युनिटी के लिए कोई भी लॉ नहीं बनाया गया है। अगर कोई समलैंगिक संबंधों में पकड़ा जाए तो उसके लिए मौत का प्रावधान है। मौत भी ऐसी वैसी नहीं। यहां पत्थर से कूच कर मौत दी जाती है।

सूडान

इस देश में समलैंगिक संबंधों को लेकर सालों से LGBT कम्यूनिटी के विरोध में फैसले लिए जाते हैं। पहले यहां सेम सेक्स कपल्स को फांसी की सजा दी जाती थी, लेकिन ऐसा कोई मामला अभी तक रिकार्ड्स में नहीं है। 2020 में फांसी की सजा को हटाकर उम्रकैद की सजा कर दी गई। बता दें कि सूडान में अप्राकृतिक सेक्स पर बैन है। चाहे वो सेम सेक्स कपल हो या अपोजिट। यहां इसपर बैन है और मामला दर्ज होने पर पुरुष को उम्र कैद की सजा सुना दी जाती है।

ईरान

लेस्बियन, गे, बाइसेक्सयुअल और ट्रांसजेंडर्स को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान में कानूनी भेदभाव झेलना पड़ता है। यहां लोग लीगल तरीके से जेंडर चेंज तो करवा सकते हैं लेकिन अगर उन्हें सेम सेक्स यानी समलैंगिक संबंधों में पकड़ा जाता है तो मौत की सजा तक दे दी जाती है। ईरान में समलैंगिक संबंधों पर ग्रहण पीनल कोड 1930 से ही है। यहां सेम सेक्स मैरिज अपराध है। हालांकि, लेस्बियन यानी महिला का महिला से संबंध बनाने पर गे यानी पुरुषों से पुरुषों के बीच के संबंध से कम सजा दी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि 1979 से लेकर अभी तक हजारों लोगों को समलैंगिक संबंधों के आरोप में फांसी की सजा दी जा चुकी है।

इन देशों के अलावा सोमालिया के कुछ हिस्सों में, मॉरीशस, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, क़तर और संयुक्त अरब अमीरात में भी समलैंगिक संबंधों में लिप्त पाए जाने पर मौत की सजा का प्रावधान है। ब्रूनेई ने भी अप्रैल 2019 में समलैंगिक संबंधों को अपराध करार दे दिया था।

यमन

इस देश में LGBT समुदाय का होना अभिशाप है। अगर कोई समलैंगिक संबंधों के आरोप में पकड़ा जाए तो उसके लिए फांसी की सजा तय की गई है। हालांकि, अभी तक किसी को भी मौत की सजा मिली नहीं है। ऐसा एक भी मामला रिकॉर्ड नहीं है।

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