यहां तक आने में इतने दिन लगा दिए : सीएम रमन

निलंबित बीपीएस के लिए राहत या आफत …
सांसद दिनेश कश्यप के साथ मिला प्रतिनिधिमण्डल

–अनुराग शुक्ला

जगदलपुर. परिवहन व्यवस्था को लेकर देश के सबसे बड़े संघों में से एक बस्तर परिवहन संघ को 16 मई को तत्कालीन कलेक्टर अमित कटारिया के आदेश के बाद निलंबित किया गया। निलंबित बीपीएस को अस्तित्व में लाने के प्रयासों को अब करीब 45 दिन हो चुके हैं। एक तरफ जहां मामले को लेकर हाईकोर्ट में भी सुनवाई लंबित है वहीं दूसरी ओर बस्तर सांसद के नेतृत्व में संघ के सदस्यों ने बुधवार की सुबह दस बजे सीएम डा. रमन सिंह से मुलाकात की।

इस दौरान सीएम ने सदस्यों को आदर से बैठाया और बातों ही बातों में कहा कि यहां तक आने में आप लोगो ने इतने दिन लगा दिए। बस्तर में बीपीएस के निलंबन के बाद से होने वाली परिवहन संबंधित समस्या से बीपीएस के सदस्यों ने सीएम को अवगत करवाया। इस दौरान बस्तर सांसद दिनेश कश्यप ने भी सीएम से यहां के स्थिति को लेकर अपना पक्ष रखा। सीएम ने कहा कि फिलहाल प्रदेश के पीडब्लूडी व परिवहन मंत्री राजेश मूणत बाहर हैं वे चार पांच दिनों में लौट आएंगे इसके बाद किसी तरह की व्यवस्था बनाई जाएगी। सीएम के इस आश्वासन के बाद निलंबित बीपीएस के पदाधिकारियों में आस जागी है। एक तरफ उनका मानना है कि सीएम इस मामले का जल्द ही पटाक्षेप करेंगे वहीं दूसरी ओर इस बात को लेकर भी चर्चा का बाजार गर्म है कि सीएम ने भले ही सांसद के साथ पहुंचे निलंबित बीपीएस के प्रतिनिधिमण्डल की बात सुनी लेकिन उन्होंने एक बार फिर मामले को पांच दिन के लिए टाल दिया है। इस बीच उन्होंने मंत्री राजेश मूणत के आने तक इंतजार करने की बात कही है उनके आने के बाद ही आगामी कार्रवाई तय होगी। सीएम का ऐसा किया जाना साफ जाहिर करता है कि वर्तमान में वे खुद इस मामले में नहीं पडऩा चाह रहे हैं। सीएम का आश्वासन जहां एक ओर निलंबित बीपीएस के लिए राहत की खबर है वहीं उनके लिए आने वाले समय में बीपीएस की बहाली का फरमान आफत भी बन सकता है।

हाईकोर्ट से स्टे का इंतजार

सीएम से हुई मुलाकात के बाद अब परिवहन संघ के सदस्यों को दूसरी आस हाईकोर्ट से है। पहले ही हाईकोई ने सरकार से एक सप्ताह के अंदर बस्तर परिवहन संघ को निलंबित किए जाने को लेकर सात दिनों के उनका पक्ष मांगा था। इस बीच यह बताना आवश्यक है कि प्रशासन की ओर से इस मामले को लेकर केव्हीएट दायर किया गया था। इससे अब बस्तर परिवहन संघ के लिए एकपक्षिय स्टे के रास्ते में बाधा बढ़ चुकी है। जिला प्रशासन के पक्ष के आधार पर ही आगामी कार्रवाई तय होगी। इसके चलते यह माना जा रहा है कि यदि प्रशासन ने नर्मी बरती होगी या फिर बीपीएस की बहाली को लेकर किए जा रहे सभी प्रयास सकरात्मक दिशा में चल रहे हैं तो फिर हाईकोर्ट में एक से दो दिन में राहत की खबर आ सकती है।

विदेश यात्रा और शाह के प्रवास का असर

मालूम हो कि बीपीएस पर हुई कार्रवाई के कुछ दिन बात ही जब माहौल गरम था तो सीएम अवकाश पर विदेश प्रवास पर चले गए। इसके बाद उनकी वापसी छह जून को हुई। इस दौरान प्रदेश में भाजपा अध्यक्ष अमीत शाह के आने की तैयारियां जोरों पर थी। अमीत शाह का तीन दिवसीय प्रवास दस जून को निपटा। 11 जून को बीपीएस को सदस्यों को सीएम से सांसद के नेतृत्व में मिलना था लेकिन यह मामला टलता गया और दस दिन बात 21 जून को सीएम से मुलाकात हो सकी।

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