इटली से काशी आई एक मां ने किया बेटे का श्राद्ध

वाराणसी. मान्यता है कि काशी में मोक्ष मिलने पर स्वर्ग की प्राप्ति होती है और यही कारण है कि सात समंदर पार से भी लोग यहां आते है। ऐसा ही एक मामला काशी के तुलसी घाट पर तब देखने को मिला जब इटली की रहने वाली सारा वारानेजे अपने 6 हप्ते के बच्चे की मुत्यु के बाद काशी पहुंच अपने बच्चे की आत्मा की शांति व मोक्ष प्राप्ति हेतु श्राद्ध किया।

मान्यताएं हैं कि पितरों को प्रेत बाधा और अकाल मृत्यु से मरने के बाद व्याधियों से मुक्ति मिल जाती है। कुछ ऐसी ही मनोकामना लिए​ सात समुन्दर पार इटली की रहने वाली सारा वारानेजे काशी नगरी के तुलसी घाट पहुंची। कर्मकाण्डी ब्राम्हणों के सानिघ्य मे मंत्रोचार के ​बीच अपने बच्चे की आत्म शांति व मोक्ष प्राति हेतु श्राद्ध किया।

इस दौरान वहां मौजूद एक एनजीओ के सदस्य संतोष सिंह ने बताया कि इटली की निवासी सारा वारानेजे पहले भी काशी नगरी आ चुकी है। पीछले दिनों उनके 6 हप्ते के पुत्र की मुत्यु हो गई थी। जिसके श्राद्ध हेतु वो अपनी महिला मित्र शिल्पा के साथ काशी आई हैं।

श्राद्ध आदि कर्मकांड करवा रहे कंर्मकाडी ब्राम्हण विश्वनाथ त्रिपाठी ने बताया कि जो महिला अपने पति व माता पिता से विरत है वो ​महिला शास्त्रों के अनूसार श्राद्ध कर सकती है।

उन्होने बताया ​कि शास्त्रो मे ऐसा कहीं नहीं लिखा हुआ है कि एक महिला श्राद्ध नहीं कर सकती।

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