अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मान्यता दिया जाना इसकी अभिव्यक्ति : जगन्नाथ

मॉरीशस के प्रधानमंत्री जगन्नाथ ने शुद्ध भोजपुरी में अपना भाषण दिया

वाराणसी: पन्द्रहवें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में मंदिर नगरी में कई देशों के नेताओं के साथ ही अनेक हस्तियाँ भी यहाँ प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम में शिरकस करते दिखे विदेशी गणमान्य लोगों ने हिन्दी भाषा में भाषण दिया.

तो वहीं मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम में शुद्ध भोजपुरी में अपना भाषण दिया. जगन्नाथ ने कहा, ‘बहुत बरस पहिले, जौन लोगन हियां से मॉरीशस गइल रहलन, आज उ लोगन के संतान ई पवित्र धरती पर आइल हव्वन, जे हमनी के खातिर ई अपन आप में एगो तीरथ बा.’ इसपर भीड़ ने ताली बजाकर इसकी सराहना की.

कई बार हिंदी का भी इस्तेमाल किया

जगन्नाथ ने अपने भाषण के दौरान कई बार हिंदी का इस्तेमाल किया. उन्होंने यह कहकर अपने भाषण को समाप्त किया कि दोनों देशों की गहरी मित्रता बनी रहे. गिरमिटिया मजदूर के तौर पर भारत से मॉरीशस पहुंचने वाले कई लोग बिहार के थे, जो भोजपुरी भाषी थे.

जगन्नाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य की मौजूदगी में कहा, ‘अगर भारत अनोखा है तो भारतीयता सार्वभौमिक है.’ मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने भारत के सॉफ्ट पावर की सराहना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मान्यता दिया जाना इसकी अभिव्यक्ति है.

जगन्नाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में भारत में बदलाव आया है और उन्होंने कई पहल की है जिससे कम सौभाग्यशाली लोगों को बेहतर अवसर मिल सके.

उन्होंने कहा, ‘दुनिया भारत के प्रभावशाली आर्थिक प्रदर्शन और मोदी जी आपके नेतृत्व में इस देश में आए बदलाव की सराहना करती है. आधुनिक और खुशहाल भारत के लिये आपकी आकांक्षा ने स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्मार्ट सिटी, स्टार्ट अप इंडिया, स्वच्छ भारत, आयुष्मान भारत और कई अन्य पहल के लिये प्रेरित किया है.’

उन्होंने कहा, ‘यह न सिर्फ आधुनिक भारत की आपकी दृष्टि, मानव गरिमा और समावेशिता के लिये सम्मान के प्रति आपके लगाव को बयां करता है बल्कि इस बात को सुनिश्चित करने की आपकी इच्छा को भी दर्शाता है कि विकास का लाभ वैश्विक समुदाय समेत सभी नागरिकों के लिये सुनिश्चित हो.’ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन स्थापित करने में अगुवाई के लिये भारत की सराहना की.

बाद में जगन्नाथ ने कार्यक्रम से इतर मोदी से बातचीत की और दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंध प्रगाढ़ बनाने के उपायों पर चर्चा की.

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