12 की उम्र में बने जैन मुनि भव्य शाह ने कहा- यह रास्ता अपनाकर ​हूं खुश

नई दिल्ली : गुजरात के सूरत में एक हिरा कारोबारी का बेटा 12 साल की उम्र में जैन भिक्षु बन गया। 7वीं कक्षा में पढ़ने वाला भव्य शाह अपने परिवार को छोड़कर दीक्षा के रास्ते पर चल पड़ा है। हिरा कारोबारी के बेटे की कल दीक्षा पूरी हो जाएगी जिसे लेकर उनके परिवार ने बड़ी धूमधाम से शोभा यात्रा निकाली। जैन भिक्षु बने भव्य ने कहा कि वह दीक्षा का रास्ता अपनाकर काफी खुश हैं।

भव्य हीरा कारोबारी दीपेश शाह का बेटा है। शाह का कहना है कि भव्य पिछले डेढ़ साल से उनके गुरूजी के पास रह रहा था और उसे पता है वो जिस राह पर जा रहा है वहां कितनी कठिनाई हैं। उसका परिवार खुश है कि उनका बेटा भी अब आधात्यमिक महत्व को समझेगा और कुछ दिनों बाद जैन मुनि के रुप में लोगों के बीच ज्ञान की गंगा बहाएगा।

भव्य की बड़ी बहन ने भी दीक्षा का रास्ता अपनाया था। शाह की बेटी प्रियांशी ने चार साल पहले 12 वर्ष की उम्र में ही दीक्षा लेकर घर-संसार त्याग दिया था और अब भव्य भी उसी राह पर जा रहा है। दीक्षा लेने से पहले ही भव्य अहमदाबाद, राजकोट, राजस्थान में 1000 किमी से अधिक बार पैदल यात्रा कर चुका है।

Back to top button