राजस्थान

राजे सरकार के आदेश के बाद जयपुर नगर निगम में राष्ट्रगान, मेयर बोले-इससे बेहतर कुछ नहीं

एक तरफ तो जहां पूरे देश में सिनेमाघरों में फिल्म शुरु होने से पहले राष्ट्रगान बजाने का मुद्दा छिड़ा हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ जयपुर नगर निगम ने अपने कर्मचारियों को आदेश दिए हैं कि वे सुबह के समय सभी को राष्टगान गाना होगा और शाम के समय राष्ट्रगीत गाना होगा।

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा दिए गए आदेश के बाद निगम ने सोमवार को सभी कर्मचारियों को राष्ट्रगान गाने के निर्देश दिए।

आज यानि मंगलवार को इस नियम को लागू करते हुए नगर निगम के मुख्यालय में सभी कर्मचारियों ने साथ में मिलकर सुबह 9:50 राष्ट्रगान गाया और वहीं शाम के 5:55 पर राष्ट्रगीत गाया जाएगा।

नगर निगम के उच्च अधिकारियों का कहना है कि इस आदेश को जारी करने के पीछे का उद्देश्य केवल यह है कि कर्मचारियों में देशभक्ति की भावना जगाई जाए और काम करने का एक अच्छा माहौल बन सके।

इसके साथ ही कर्मचारियों को आदेश दिए गए हैं कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत गाना सभी के लिए अनिवार्य है। आज से शुरु हुए इस नियम का पालन करते हुए कर्मचारियों के साथ जयपुर के मेयर अशोक लाहौती भी राष्ट्रगान गाते हुए दिखाई दिए।

इस मामले पर एएनआई से बातचीत के दौरान अशोक लाहौती ने कहा कि इससे बेहतर कुछ भी नहीं कि दिन की शुरुआत और अंत राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के साथ किया जाए। इससे सकरात्मक उर्जा मिलती हैं।

आपको बता दें कि राष्ट्रगान का मुद्दा इतना बढ़ गया है कि देशभक्ति के नाम पर कई जगह मारपीट के मामले सामने आ चुके हैं।

हाल ही में जम्मू-कश्मीर में फिल्म शुरु होने से पहले राष्ट्रगान बजने के समय उसके सम्मान में खड़े न होने पर एक युवक की पिटाई कर दी गई थी।

वहीं केरल व देश की अन्य जगहों से भी ऐसे ही मामले सामने आए थे। केंद्र द्वारा हर कार्य में राष्ट्रगान अनिवार्य करने को लेकर आए दिन विपक्षी दल उनपर निशाना साधते रहते हैं।

विपक्षी दलों का कहना है कि देशभक्ति दिखाने के लिए फिल्म से पहले राष्ट्रगान के समय खड़े होना जरुरी नहीं है। इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि देशभक्ति दिखाने के लिए राष्ट्रगान गाने की जरुरत नहीं है।

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