कश्मीर से गिरफ्तार लड़की आतंकी नहीं, एक मैसेज के कारण हुई थी गिरफ्तारी

गणतंत्र दिवस के मौके पर जम्मू-कश्मीर से कथित आत्मघाती हमलावर लड़की की गिरफ्तारी से खलबली मच गई थी. हालांकि, पुलिस की पूछताछ में पाया गया है कि लड़की किसी भी दहशतगर्द संगठन से संपर्क में नहीं है.

गणतंत्र दिवस के मौके पर जम्मू-कश्मीर से कथित आत्मघाती हमलावर लड़की की गिरफ्तारी से खलबली मच गई थी. हालांकि, पुलिस की पूछताछ में पाया गया है कि लड़की किसी भी दहशतगर्द संगठन से संपर्क में नहीं है. साथ ही, पुलिस ने कहा कि लड़की को परामर्श की जरूरत है, जिसके बाद उसे उसके माता-पिता को सौंप दिया जाएगा.

दरअसल, गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले एक इनपुट के आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सादिया अनवर शेख नाम की लड़की को गिरफ्तार किया था.

पुलिस को जानकारी मिली थी कि ये लड़की गणतंत्र दिवस के मौके पर घाटी में आत्मघाती हमला करने की फिराक में है. लेकिन पूछताछ के बाद पुलिस ने पाया कि लड़की न तो किसी आतंकी संगठन से जुड़ी है और न ही उस पर किसी प्रकार का कोई मामला दर्ज है.

दोस्त को भेजा था आत्मघाती हमले का मैसेज

मिली जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार लड़की ने 20 जनवरी को अपने दोस्त को एक मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था कि वो आत्मघाती हमला जैसा कुछ करने जा रही है. इस मैसेज का अलर्ट मिलते ही इंटेलिजेंस नेटवर्क हरकत में आया और जानकारी को अपने सभी विभागों से साझा किया.

इसके बाद लड़की को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई. पूछताछ में पाया गया कि लड़की किसी भी आतंकी संगठन से जुड़ी नहीं है. यही कारण है कि पुलिस ने लड़की के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया.

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूछताछ में पाया कि लड़की का कट्टरपंथ की तरफ रूझान है, जिसे खत्म करने के लिए उसे परामर्श देने और समझाने की आवश्यकता है. उसकी प्रवृत्ति कट्टरपंथियों की तरह जरूर है लेकिन उसने कोई अपराध नहीं किया है.

पेइंग गेस्ट के तौर पर रह रही थी सादिया

गुरुवार की रात कट्टरपंथ की तरफ कथित रूझान रखने वाली पुणे की एक लड़की को जम्मू कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. ऐसी खुफिया सूचना मिली थी कि वह प्रतिबंधित संगठन आईएसआईएस में शामिल होना चाहती है.

पुलिस के मुताबिक पिछले साल नवंबर में सादिया 18 बरस की हुई है. वो पुणे से जम्मू-कश्मीर आई थी और बिजबेहरा में एक पेईंग गेस्ट के तौर पर रह रही थी. उसका इरादा आईएसआईएस में शामिल होने का था.

माता-पिता को सौंपी जाएगी लड़की

अधिकारियों ने बताया कि लड़की से गहन पूछताछ के दौरान उसका कट्टरपंथ की तरफ रूझान होने का पता चला, लेकिन उसके पीछे सुरक्षा बलों के हाथों कश्मीर के लोगों को कथित रूप से परेशान किए जाने से जुड़ा सोशल मीडिया का दुष्प्रचार जिम्मेदार था.

राज्य पुलिस ने बताया कि उन्होंने लड़की की मां और एक अन्य संबंधी से संपर्क किया है और उसे उनके हवाले कर दिया जाएगा क्योंकि उसके खिलाफ घाटी या महाराष्ट्र में कोई मामला दर्ज नहीं है.

पुलिस से खुफिया सूचना समझने में हुई भूल!

दरअसल, यह जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा एक खुफिया सूचना को गलत ढंग से समझने का मामला लगता है. केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें सूचना दी थी कि पुणे की एक लड़की, जिसे कई मौकों पर पुणे पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने हिरासत में लिया है, अपना ठिकाना बदलकर घाटी में आ गई है और उसकी निगरानी किए जाने की जरूरत है.

हालांकि, कश्मीर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के तौर पर काम कर रहे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुनीर खान ने लड़की का नाम बताते हुए सभी जिलों को चौकन्ना कर दिया और दावा किया कि वह एक आत्मघाती हमलावर है और गणतंत्र दिवस समारोहों में बाधा डालने की योजना बना रही है.

23 जनवरी को जारी खान के हस्ताक्षर वाले एक नोट में कहा गया कि इस बात की पक्की खबर है कि 18 वर्ष की एक गैर कश्मीरी लड़की कश्मीर में गणतंत्र दिवस समारोह या उसके आसपास आत्मघाती बम विस्फोट कर सकती है.

इसे देखते हुए जांच और चौकसी बढ़ाने के आदेश भी दिए गए. खान ने अपने इस नोट की गंभीरता को देखते हुए कोई ब्यौरा देने से इंकार करते हुए कहा, ‘हम उससे बात कर रहे हैं और अपनी संबद्ध एजेंसियों के भी संपर्क में हैं. तथ्यों का पता लगाने के लिए तमाम सूचनाओं पर विचार किया जा रहा है.’

2015 में भी हुई थी लड़की से पूछताछ

सादिया से वर्ष 2015 में पुणे के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने पूछताछ की थी क्योंकि यह पता चला था कि विदेशों में बसे आईएसआईएस समर्थकों के संपर्क में आने के बाद वह कट्टरपंथी हो गई है.

एटीएस ने दावा किया था कि लड़की सीरिया जाने की योजना बना रही है, लेकिन बाद में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली इस लड़की को एटीएस ने ही कट्टरपंथ से छुटकारा दिलाने वाले कार्यक्रम में भर्ती कराया था.

लड़की की मां ने कहा- मेरी बेटी निर्दोष

इस बीच लड़की की मां ने बेटी पर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि जब तक वह अपनी बेटी से बात नहीं कर लेंगी तब तक सुरक्षा एजेंसियों के दावों को नहीं मानेंगी. जब उनसे पूछा गया कि उनकी बेटी जम्मू-कश्मीर क्यों गई थी, तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

उन्होंने कहा कि उनकी बेटी निर्दोष है और किसी ने उसके नाम का गलत इस्तेमाल किया है. उन्होंने दावा किया कि दो दिन पहले उनकी बेटी ने फोन पर उनसे बात की थी और कहा था कि वह ठीक है.

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