राष्ट्रीय

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2021 लोकसभा से पास, राज्य के अधिकारियों का अन्य राज्यों में हो सकेगा ट्रांसफर

उपयुक्त समय पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिया जाएगा।

नईदिल्ली। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन(संशोधन)विधेयक, 2021 लोकसभा से पास हो गया है। गृहमंत्री ने इस दौरान कहा कि इस बिल(जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन(संशोधन) विधेयक, 2021) का जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने से कोई लेना-देना नहीं है, उपयुक्त समय पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिया जाएगा।

इस दौरान लद्दाख सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल ने कहा कि लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2021 पास हुआ इससे राज्य के अधिकारियों को दूसरी जगह जाकर सेवा करने का मौका मिलेगा और दूसरी जगह से अधिकारियों को आकर राज्य में सेवा करने का मौका मिलेगा। इससे अनुभव और कार्य करने की क्षमता बढ़ेगी।

अमित शाह ने कहा कि यहां कहा गया कि धारा 370 हटाने के वक़्त जो वादे किए गए थे उसकी दिशा में क्या किया गया? धारा 370 हटे हुए 17 महीने हुए और आप हमसे हिसाब मांग रहे हो, 70 साल आपने क्या इसका हिसाब लेकर आए हो? अगर 70 साल ढंग से चलाते तो हमसे हिसाब मांगने का समय ही नहीं आता। जिनको पीढ़ियों तक शासन करने का मौका दिया वो अपने गिरेबान में झांक कर देखें कि हम हिसाब मांगने के लायक हैं या नहीं।

गृहमंत्री ने कहा कि आपकी चार पीढ़ी ने जो काम किया है वो काम हमने डेढ़ साल के अंदर किया है। अमित शाह ने कहा किसके दबाव में धारा 370 को इतने समय तक चालू रखा? आप 17 महीने में हिसाब मांगते हो, 70 साल तक जब अस्थायी धारा 370 चली, उस वक़्त हिसाब क्यों नहीं मांगते थे? अस्थायी प्रावधान को नहीं उखाड़ा क्योंकि वोट बैंक की राजनीति करनी थी। हमने जम्मू-कश्मीर में 100% लोगों को घर में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। 3,57,405 लोगों को 70 साल से बिजली नहीं मिली थी, उनको 17 महीने में बिजली देने का काम किया गया है।

वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि विपक्ष के नेता कह रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर को पहले की तरह राज्य की स्थिति क्यों नहीं दी जाती। अगर वो राजनीति करना चाहते हैं तो धारा 370 भी अस्थाई थी कांग्रेस की सरकार रही, उसे हटाने में 70 साल लग गए। अभी तो इस व्यवस्था को 70 महीने भी नहीं हुए।

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