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मीट, पॉल्ट्री उत्पादों के आयात पर सालाना 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रहा जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर मांस और पॉल्ट्री उत्पादों के आयात पर सालाना 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है. राज्य के राज्यपाल एन एन वोहरा ने राज्य को इन उत्पादों का शुद्ध निर्यातक बनाने के लिए ठोस प्रयासों की जरूरत बताई है

मांस और पॉल्ट्री उत्पादों के आयात पर सालाना 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है. राज्य के राज्यपाल एन एन वोहरा ने राज्य को इन उत्पादों का शुद्ध निर्यातक बनाने के लिए ठोस प्रयासों की जरूरत बताई है. उन्होंने कहा कि राज्य का मांस, पॉल्ट्री और अंडों का सालाना आयात करीब 2,000 करोड़ रुपये का है. शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और कृषि विभाग को राज्य को इन उत्पादों का शुद्ध निर्यातक बनाने के लिए रूपरेखा तैयार करने की जरूरत है.

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वोहरा शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं. उन्होंने विश्वविद्यालय के परिसर में दो दिन के किसान मेले का उद्घाटन करते हुए विश्वविद्यालय और कृषि विभाग के साथ बैंकों का आह्वान किया कि वे साथ मिलकर दूसरी हरित क्रांति की बुनियाद रखें. यह प्रदर्शनी किसानों की आय को दोगुना करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित खेती विषय पर आधारित है.

बजट में भी किसानों पर जोर
गौरतलब है कि इस वर्ष पेश हुए आम बजट में भी किसानों की आय को लेकर ज्यादा जोर दिया गया था. बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि मोदी सरकार 2022 तक किसानों की आय दो गुनी करने को लेकर प्रतिबद्ध है. इस बजट में किसानों को लागत से डेढ़ गुना कीमत मिले, इसे सुनिश्चित करने के लिए बाजार मूल्य और एमएसपी में अंतर की रकम सरकार द्वारा वहन करने, किसानों के कल्याण के लिए 11 लाख करोड़ का फंड बनाने, किसानों को फसलों का सही मूल्य दिलाने, मछली पालन और पशुपालन के लिए 10 हजार करोड़ रुपये दिए जाने जैसी घोषणाएं की गई थीं.

जम्मू-कश्मीर

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मीट, पॉल्ट्री उत्पादों के आयात पर सालाना 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रहा जम्मू-कश्मीर
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