जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती बोलीं, एक भी नागरिक की मौत होती तो शांति वार्ता को लगता है झटका

बता दें कि दक्षिण कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों की फायरिंग में 2 आम नागरिकों के मारे जाने के मामले में सेना के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज की गई है. साथ ही अलगाववादियों ने रविवार को विरोध में कश्मीर बंद का आह्वान किया है.मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घटना की जांच के आदेश दिये हैं.

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने इस मुद्दे पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से बात की और कहा कि एक भी नागरिक की मौत पर घाटी में चल रही शांति वार्ता को झटका लगता है. मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया है कि वह सेना से इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगेंगी.

बता दें कि दक्षिण कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों की फायरिंग में 2 आम नागरिकों के मारे जाने के मामले में सेना के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज की गई है. साथ ही अलगाववादियों ने रविवार को विरोध में कश्मीर बंद का आह्वान किया है.

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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने घटना की जांच के आदेश दिये हैं. सेना का कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा में फ़ायरिंग की, जिसमें 20 साल के जावेद और 24 साल के सुहैल की मौत हो गई.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने शोपियां जिले के गनोवपुरा गांव से गुजर रहे सुरक्षा बलों के एक काफिले पर पथराव किया. जवानों ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए हवा में कथित तौर पर कई चक्र गोलियां भी चलायीं जिसमें कुछ लोग घायल हो गए.

हालांकि, एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि जवानों ने तब गोलियां चलायीं जब भीड़ ने एक जूनियर कमीशंड अधिकारी की पीट-पीटकर हत्या करने की कोशिश की और उनका हथियार छीन लिया. घायलों में जावेद अहमद भट और सुहैल जावेद लोन की बाद में मौत हो गयी.

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