फुलवारी के तालाब में जामुन वृक्ष का रोपण किया गया

ब्यूरो चीफ:- विपुल मिश्रा रिपोर्टर :- प्रणव कुमार

समाज सेवी शंकुतला साहू ने घर में ही बीज से जामुन के पचास पौधे तैयार की थी जिसे आज ग्रामवासियों के साथ मिलकर तालाब के मेड़ में रोपित किया गया । इस अवसर में राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता नितेश साहू ने उपस्थित ग्रामवासियों एंव बच्चों को जामुन वृक्ष के बारे में कहानी बताने हेतु कहा कि जामुन का वृक्ष सल्‍फर ऑक्‍साइड और नाइट्रोजन जैसी जहरीली गैसों को सोखने में सक्षम हैं। इसके पत्ते, छाल, गुठली सभी का औषधीय महत्व हैं।

जामुन का फल अत्यंत गुणकारी हैं यह कैंसर जैसे रोगों से शरीर को बचाता हैं जामुन के सेवन से पथरी, लीवर और खून की गंदगी दूर होती हैं और मधुमेह के रोगी के लिए तो जामुन की गुठली को अमृत जैसा माना गया है, जामुन की गुठली को सुखाकर पीस लेने के बाद उसका चूर्ण बना दें, अब यह चूर्ण नियमित रूप से अगर मधुमेह के रोगियों को दिया जाए, तो यह उसे जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है जामुन के पौधोरोपण के लिए जून- जुलाई का महीना सबसे बेहतर माना जाता है इस पौधे को लवणीय, क्षारीय, आर्द्र जलभराव वाले क्षेत्रों में भी उगाया जा सकता है । इसका प्रयोग दवाओं को तैयार करने में किया जाता है, साथ ही जामुन से जेली, मुरब्बा जैसी खाद्य सामग्री तैयार की जाती है।

जामुन पेड़ का जल संरक्षण एवं शुद्धता की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है पुराने लोग कुआ – बावड़ी का जल शुद्ध करने के लिये तल में जामुन की लकड़ी बिछाते थे । नदियों और नहरों के किनारे मिट्टी के क्षरण को रोकने के लिए जामुन का पेड़ काफी उपयोगी है। इस अवसर में अहिल्या साहू, लीलीवत्ती साहू, जुड़ावन साहू , शुभि साहू चांदनी, धर्मराज , लोकेश, आकाश ईत्यादि ने पौधारोपण किए ।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button