जल्द ही बदल सकता है जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ का नाम

अजीत जोगी ने बनाई ये रणनीति

रायपुर।

अजीत जोगी की पार्टी का नाम जल्द ही बदले जाने की संभावना जतायी जा रही है। अजीत जोगी और उनकी पार्टी को लगता है कि उन्हें इस चुनाव में बड़ा नुकसान उनके दल के नाम में कांग्रेस शब्द लिखा होने के कारण हुआ है। खुद अजीत जोगी ने आज प्रेस कांफ्रेंस में इस बात को स्वीकार किया, अगर उनकी पार्टी में कांग्रेस शब्द ना जुड़ा होता, तो शायद परिणाम कुछ और होता और कांग्रेस इतनी भारी बहुमत हासिल नहीं करती।

अजीत जोगी ने कहा कि पार्टी नाम बदलने को लेकर जल्द ही एक बैठक बुलायेगी, जिसमें नाम बदलने को लेकर आम सहमति के बाद फैसला होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा एक क्षेत्रीय पार्टी को मान्यता मिली है, गठबंधन ने 7 सीटें जीतीं, अकलतरा, चंदरपुर और तखतपुर जैसी 7 अन्य सीटों में बहुत कम अंतर से दूसरे स्थान पर रही और 15 सीटों में हमारे उम्मीदवारों को 30 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिला।

कम से कम 11 में से 2 लोकसभा सीटों में- जाँजगीर और बिलासपुर- हमारे पास दोनों राष्ट्रीय दलों की तुलना में अधिक वोट शेयर है। कुल मिलाकर, अब हमें राज्य के लगभग 14 प्रतिशत मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला है।

जोगी ने कहा कि उनकी पार्टी के लिए ये कोई छोटी उपलब्धि नहीं है- जिसे 2 साल से भी कम समय पहले बनाया गया था; जिसे केवल दो महीने पहले चुनाव चिन्ह मिला था और जिसके पास दोनों राष्ट्रीय पार्टियों, जिनके पास हजारों करोड़ों रुपए का फ़ंड है, उनकी तुलना में हमने इस चुनाव में मात्र 1 प्रतिशत से भी कम खर्च किया। बावजूद, अगर सत्तारूढ़ बीजेपी केवल 15 सीटों पर सिमट गयी।

कांग्रेस के साथ जोगी की पहचान
असल में अब भी ज्यादातर मतदाता कांग्रेस के साथ जोगी की पहचान करते हैं क्योंकि हमारी पार्टी का नाम जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे है। इस संबंध में, प्रथम हमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से अपने आप की अलग पहचान स्थापित करने के लिए और ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

दूसरा, हमें बस्तर और सरगुजा संभागों में नए सिरे से शुरुआत करने की जरूरत है, जहां, हमारे कड़ी मेहनत के बावजूद, हम कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं डाल पाए हैं। तीसरा, हम एक गैर-कांग्रेस गैर-बीजेपी गठबंधन के हिस्से के रूप में बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन मायावती जी के साथ मिलकर राज्य की सभी 11 लोकसभा सीटों में छत्तीसगढ़ के लोगों को राष्ट्रीय राजनीति में सशक्त आवाज देने के स्पष्ट उद्देश्य के साथ चुनाव लड़ेंगे।

चौथा, हम अपने उम्मीदवारों को इस साल के अंत में होने वाले सभी स्थानीय नगरी निकाय और पंचायत चुनावों में भी मैदान में उतारेंगे। पाँचवा, हमारा गठबंधन सहयोगी सीपीआई और एआईटीयूसी के साथ मिलकर, राज्य में श्रमिकों के आंदोलन को मजबूत करने और असंगठित क्षेत्र तक विस्तारित करने के लिए अथक रूप से काम करेगा।

छठवां, हम छात्रों को राजनीतिक मुख्यधारा में लाने के लिए राज्य में सभी छात्र संगठन चुनावों में भाग लेंगे। सातवाँ, हम अपने पार्टी को राज्यव्यापी सर्व-समावेशी लोगों के आंदोलन में बदलने के लिए अथक रूप से काम करेंगे जो छत्तीसगढ़ के सभी लोगों की उम्मीदों और आकांक्षाओं- जिन्हें हमारे सर्वोच्च नेता के 14-बिन्दु शपथ पत्र में हम उल्लेखित कर चुके हैं- पर खरा उतरें।

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