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11 और 12 अगस्त को मनाया जाएगा जन्माष्टमी, इस प्रसाद से लगायें भोग

श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष के रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। जन्माष्टमी 11 और 12 अगस्त को मनाई जाएगी। प्राचीन काल से ही हिंदू धर्म में जन्माष्टमी के त्योहार को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

मान्यता है कि श्री कृष्ण भगवान विष्णु के ही अवतार हैं। जिन्होंने द्वापर युग में अनेकों राक्षसों का वध किया था। साथ ही यह वही परम पुरुषोत्तम भगवान हैं जिन्होंने कुरुक्षेत्र के युद्धस्थल में अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। आज पूरी दुनिया गीता के ज्ञान का लाभ ले रही है। हिंदू धर्म में भगवान श्री कृष्ण को मोक्ष देने वाला माना गया है।

कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण को मीठा बहुत प्रिय था। इसलिए घर में मौजूद लड्डू गोपाल को खुश करने के लिए महिलाएं तरह-तरह के पकवान बनाती हैं और उसका प्रसाद चढ़ाती हैं। तो जानते हैं बेहद आसानी से तैयार किए जाने वाले प्रसाद को बनाने के तरीके।

1. आटे की पंजीरी

जन्माष्टमी के दिन प्रसाद के लिए बहुत सारे पकवान बनाए जाते हैं। आटे की पंजीरी उसमें से एक है। इसे बनाना बहुत ही आसान है। इसमें पड़ने वाली सामग्री का ध्यान रखा जाए तो यह बहुत स्वादिष्ट बनती है।

ऐसे तैयार करें- एक कड़ाही में थोड़ा सा घी गर्मकर खरबूजे के बीज भून लें। हल्के सुनहरे होने के बाद इन्हें निकाल कर अलग रख दें। फिर कड़ाही में घी डालें और कटे हुए मेवे डालकर तल लें। एक बार फिर कड़ाही में घी डालें और आटे को धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद इसमें मेवा और खरबूजे के बीज डाल दें। सामग्री के ठंडा होने पर पिसी हुई चीनी मिलाएं। इस तरह पंजीरी तैयार हो जाएगी। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें पिसी हुई छोटी इलायची भी मिला सकती हैं।

2. मक्खन मिश्री

लड्डू गोपाल को माखन चोर भी कहा जाता है। यह बात सभी जानते हैं कि लड्डू गोपाल को मक्खन मिश्री बहुत पसंद है। आप जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को मक्खन मिश्री का प्रसाद भी चढ़ा सकती हैं।

ऐसे तैयार करें- एक बड़े बर्तन में दही डालें। फिर उसे मथानी से मथें। इसके बाद दही को ब्लेंडर में डालें। ब्लेंड करने से आसानी से मक्खन निकल आता है। मक्खन को एक कटोरी में निकालें और ऊपर से मिश्री और कटे हुए पिस्ता, बादाम आदि डाल दें। सुगंध और स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें केसर भी डाल सकती हैं।

3. मखाना पाग

लड्डू गोपाल को मखाना पाग भी बहुत पसंद है। इसे आसानी से बनाया जा सकता है। मखाने के साथ अन्य मेवा भी पाग सकती हैं।

ऐसे तैयार करें- मखानों को देसी घी में अच्छे से तलें। इसके बाद शक्कर की गाढ़ी चाशनी बनाएं और उसमें मखानों को डुबो दें। इसी प्रकार से आप अन्य मेवों को भी चाशनी में डुबोकर तैयार कर सकती हैं।

4. पंचामृत

जन्माष्टमी में पंचामृत का विशेष महत्व है। यह ऐसा प्रसाद है जिससे लड्डू गोपाल को नहलाया जाता है और इस पंचामृत को प्रसाद की तरह लोग पीते हैं।

ऐसे तैयार करें- एक बर्तन में दही लें और अच्छे से फेंट लें। फिर इसमें दूध, शहद, गंगाजल और तुलसी डालें। इसके साथ ही इसमें मखाना, गरी, चिरौंजी, किशमिश, छुआरा आदि मेवा डालें। अंत में थोड़ा सा घी डालें। पंचामृत तैयार है।

5. मखाने की खीर

लड्डू गोपाल को दूध, घी, मक्खन और मेवे से बने विभिन्न प्रकार के पकवान बहुत पसंद हैं। लड्डू गोपाल को खीर भी प्रसाद के तौर पर चढ़ाई जाती है।

ऐसे तैयार करें- काजू और बादाम को महीन-महीन काटकर अलग रख लें। मखानों को काट लें और दरदरा पीस लें। अब एक बर्तन में घी गरम करें। इसमें मखानों को एक मिनट के लिए भून लें। फिर इसमें दूध डालकर उबालें। मखाने गल जाएं तब इसमें कटे हुए मेवे और चीनी डालें। बाद में इसमें पिसी हुई छोटी इलायची डालें

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