अंतर्राष्ट्रीय

जापान के विदेश मंत्री दक्षिण कोरिया की यात्रा पर

सोलः जापान के विदेश मंत्री आज दक्षिण कोरिया की यात्रा पर है। उनके पास उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले सम्मेलन के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कई मुद्दे हैं। दो साल से भी अधिक समय बाद यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे- इन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उत्तर कोरिया के नियोजित सम्मेलन के मद्देनजर उत्तर पूर्व एशिया में सक्रिय कूटनीतिक गतिविधियां चल रही हैं।

उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने पिछले महीने अपनी पहली विदेश यात्रा में चीन के राष्ट्रपति शी चिनङ्क्षफग से मुलाकात की थी। जापान सरकार के शीर्ष प्रवक्ता योशिहिदे सुगा ने कहा, ”यह बहुत महत्वपूर्ण है कि जापान, अमेरिका और दक्षिण कोरिया सूचना साझा करें और करीबी सहयोग करें।”

विदेश मंत्री तारो कोनो अपने दक्षिण कोरियाई समकक्ष कांग क्युंग व्हा के साथ आज सुबह मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि उत्तर – दक्षिण कोरिया सम्मेलन में उत्तर कोरिया के ” परमाणु और मिसाइल मुद्दे” के साथ ” अपहरण के मुद्दे” पर भी बातचीत की जाए। वह 1970 और 1980 के दशक में जासूसों को जापानी भाषा में प्रशिक्षित करने के लिए उत्तर कोरिया के एजेंटों द्वारा अगवा किए गए जापानी नागरिकों का जिक्र कर रहे थे। दूसरी ओर , उत्तर कोरिया वर्ष 1910-45 में कोरियाई प्रायद्वीप में जापान के क्रूर औपनिवेशिक शासन के लिए लगातार उस पर निशाना साधता रहता है।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सैनिकों द्वारा कोरियाई महिलाओं को यौन दासता में धकेलने समेत कई ऐतिहासिक मुद्दों के हल ना होने के बाद दक्षिण कोरिया और जापान के बीच भी रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं। दक्षिण कोरिया चाहता है कि जापान इसकी कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी लें जबकि जापान का कहना है कि वर्ष 2015 में जब दोनों देशों के बीच विवादित समझौता हुआ था तो यह मुद्दा सुलझ गया था। इस समझौते के तहत पीडि़तों को मुआवजे की पेशकश की गई थी। सुगा ने कहा कि जापान के विदेश मंत्री विवाद के बावजूद द्विपक्षीय रिश्ते को मजबूत करने की कोशिश करेंगे।

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