मोवा बस्ती के 223 ब्लड सैम्पलों में 104 में पीलिया

पीलिया से मौत के मामलों की जांच को दोबारा पहुंची कोर्ट कमिश्नरों की टीम

रायपुर। राजधानी रायपुर में पीलिया रोग से लगातार हो रहे मौत के मामले में मृतिका बबिता देवांगन के पति मुकेश देवांगन कि जनहित याचिका में हाईकोर्ट से नियुक्त कोर्ट कमिश्नरों कि 3 सदस्यों की टीम ने रविवार को पुनः रायपुर का दौरा किया. टीम ने रायपुर मोवा बस्ती के नहरपारा क्षेत्र का जायजा लिया.

चार दिन बाद मिली रिपोर्ट तब तक हो चुकी थी प्रेम यादव की मौत

मोवा क्षेत्र में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में कमिश्नरों को बताया गया कि लिए गए 223 ब्लड सैम्पलों में 104 में पीलिया होना पाया गया है. इससे पहले कोर्ट कमिश्नरों ने पीलिया से मृत प्रेम यादव के घर जाकर पूछताछ की. यहां मृतक कि पत्नी ने कमिश्नरों को बताया कि खून जाँच कि रिपोर्ट उन्हें सैम्पल लेने के 4 दिनों के बाद दी गई. वहीं शिविर के स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है की रिपोर्ट सैम्पल लेने के 24 घंटे भीतर ही दे दी गई थी.

प्रेम यादव के खून कि जाँच में “ब्लूरुबिन टोटल “की मात्रा 19.3 तथा “ब्लूरुबिन डायरेक्ट”की मात्रा 14.9 पाई गई थी. कोर्ट कमिश्नरों की टीम ने रायपुर मेकाहारा से पीलिया से संबंधित जो आंकड़े लिए हैं, उसके मुताबिक अप्रैल 2018 में मेकाहारा में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आये 31 मरीज पीलिया-हैपेटाइटिस के भर्ती हुए. इनमें से 2 की मौत हो गई. मृतकों में जगदीश शर्मा मनेन्द्रगढ़ (मृत्यु 1 अप्रैल) व अलका पति धनंजय 28 वर्ष लोधीपारा (मृत्यु 9 अप्रैल) शामिल हैं. वहीं पीलिया से पीड़ित रेखा त्रिपाठी का 13 अप्रैल को स्थानांतरित होना बताया गया. कोर्ट कमिश्नरों ने सलाह दी कि पीलिया प्रभावित क्षेत्रों के उन सभी नागरिकों को, जिन्हें पीलिया के प्रारंभिक लक्षण दिखाई दे रहे हों, जल्द से जल्द खून कि जाँच करवानी चाहिए. उन्हें झाड़-फूंक के चक्कर को छोड़कर डॉक्टरों कि सलाह का पूर्ण पालन करना चाहिए.

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