जेवर एयरपोर्ट को हरी झंडी, 3000 हेक्टेयर जमीन की हुई पहचान

जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए 3 हजार हेक्टेयर भूमि की पहचान की गई है. पहले चरण में 1000 हेक्टेयर जमीन को विकसित किया जाएगा. वहीं केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करेगा. इस एयरपोर्ट पर 15 से 20 हजार करोड़ का निवेश किया जाएगा. इससे इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा मिलेगा.ग्रेटर नोएडा के जेवर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने का रास्ता साफ हो गया है. नागरिक उड्डयन मंत्री गजपति राजू ने जानकारी दी है कि अगले 10-15 वर्षों में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रति वर्ष 30-50 लाख यात्रियों को मंजिल तक पहुंचाएगा. एयरपोर्ट पीपीपी मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा.

जेवर एयरपोर्ट को केंद्र सरकार ने शुक्रवार शाम को हरी झंडी दी. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. राज्य में बीजेपी की सरकार बनने के बाद इस एयरपोर्ट को हरी झंडी दी गई. राज्य सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने जेवर एयरपोर्ट को मंजूरी देने के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया. पिछले काफी लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक एयरपोर्ट की मांग रही है, मायावती सरकार ने जेवर में एयरपोर्ट को मंजूरी दी थी. लेकिन अखिलेश यादव की सरकार आगरा में एयरपोर्ट बनाना चाहती थी. अब योगी सरकार ने जेवर में एयरपोर्ट बनाने पर दोबारा विचार किया है.

जेवर से बीजेपी विधायक धीरेंद्र सिंह ने भी जेवर एयरपोर्ट का मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने उठाया था. इस संबंध में उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र भी लिखा था. धीरेंद्र सिंह ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र में आने वाले 05 वर्षों में 70 लाख नये रोजगारों का सृजन होना है, इसी क्रम में अगर जेवर के नजदीक एयरपोर्ट की स्थापना हो जाती है, तो अनेकों मल्टीनेशनल कंपनियां एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द अपने औद्योगिक इकाईयों की स्थापना करेंगी, जिससे पूरे उत्तर भारत में नौजवानों को नए-नए रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं.
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