जयललिता के अस्पताल के बिल में 44.56 लाख रुपया अब भी बकाया

सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक द्वारा छह करोड़ रुपये का भुगतान दिखाया गया

चेन्नई:

तमिलनाडु की राजनीति में अम्मा के नाम से मशहूर जयललिता का 5 दिसम्बर 2016 को रात 11:30 बजे निधन हो गया था. उन्हें दिल का दौरा पड़ा था. हालत नाजुक होने के चलते उन्हें क्रिटिकल केयर यूनिट यानी सीसीयू में रखा गया था.

बीते दिनों तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ था. अपोलो अस्पताल ने जयललिता की मौत की जांच कर रहे आयोग से कहा था, ‘पुलिस के निर्देश पर ही हॉस्पिटल के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री की आवाजाही के दौरान गलियारे का सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिया गया था’.

कानूनी प्रबंधक एस एम मोहन कुमार ने अस्पताल की ओर से एक हलफनामे में न्यायमूर्ति ए अरूमुगास्वामी जांच आयोग को अवगत कराया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाये जाने वाले चलन को देखते हुए अस्पताल में उपचार कक्ष, आईसीयू या सीसीयू में सीसीटीवी कैमरा नहीं है.

वहीं दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत की परिस्थितियों की जांच कर रहे एक पैनल को हाल ही में एक जानकारी मिली है जिसके अनुसार 2016 में अपोलो अस्पताल में 75 दिन तक चले उपचार का खर्च 6.85 करोड़ रुपये आया था.

एक पृष्ठ के सारांश में बताया गया है कि कुल बिल छह करोड़ और 85 लाख रुपये है और 44.56 लाख रुपया बकाया है. पांच दिसंबर 2016 को जयललिता की मौत के कुछ महीनों के बाद 15 जून 2017 को सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक द्वारा छह करोड़ रुपये का भुगतान दिखाया गया है.

13 अक्टूबर 2016 को अस्तपाल को 41.13 लाख रूपये दिये जाने का उल्लेख है. हालांकि इसमें यह उल्लेख नहीं है कि इस राशि का भुगतान किसने किया.

advt
Back to top button