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मॉब लिंचिंग मामले पर जयंत सिन्हा ने फिर दी सफाई

नई दिल्ली : मॉब लिंचिंग के आरोपियों को माला पहनाने पर केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने एक बार फिर सफाई दी है। बुधवार को सिन्हा ने कहा, मैंने पहले भी कहा था कि कानून अपना काम करेगा। दोषी को सजा मिलेगी और निर्दोष को बचाया जाएगा। उन लोगों को माला पहनाने से अगर ऐसा संदेश गया है कि मैं इस तरह के गौरक्षकों का समर्थन करता हूं तो मैं इसके लिए अफसोस वयक्त करता हूं।

बता दें कि गत सप्ताह केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा द्वारा रामगढ़ मॉब लिचिंग के आरोपियों को सम्मानित करने पर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर उन्हें केंद्रीय मंत्रिपरिषद से हटाने की मांग की। गौरतलब है कि पिछले साल झारखंड के रामगढ़ में एक मीट कारोबारी को बीफ ले जाने के शक में पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनकी आजीवन कारावास की सजा पर रांची हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी।

इस फैसले से खुश हुए आरोपी, जिसमें भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल है। जय प्रकाश नारायण जेल से निकलकर सीधे केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा के घर पहुंचे। सिन्हा ने उन्हें माला पहनाकर उनका स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री द्वारा आरोपियों को माला पहनाने की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिस पर सफाई देते हुए सिन्हा ने कहा था कि मेरा न्यायिक व्यवस्था और कानून में पूरा विश्वास है।

कानून अपना काम करेगा : केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि आरोपी को सजा मिलनी चाहिए। मैं एक जनता का प्रतिनिधि हूं और एक मंत्री भी। मैंने कानून को बचाने की कसम खाई है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। जब इन लोगों को जमानत मिली तो यह मेरे घर आए और मैंने उन्हें शुभकामनाएं दीं। भविष्य में भी कानून को अपना काम करने दीजिए, आरोपियों को सजा दी जाएगी और निर्दोष रिहा हो जाएंगे।

जयंत सिन्हा के इस कदम पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सोरेन ने कहा था कि यह बहुत संवेदनशील मामला है और सिन्हा को केंद्रीय मंत्री के रूप में ऐसा नहीं करना चाहिए था।

बता दें कि 40 साल के अलीमुद्दीन अंसारी को रामगढ़ शहर के टंड इलाके में स्थिति बाजार में 29 जून को भीड़ ने कार में बीफ ले जाने के शक में पीट-पीटकर मार डाला था। बाद में हुई फोरेंसिक जांच में भी इस बात की पुष्टि हुई कि कार में रखा मीट बीफ ही था। मार्च 2018 में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 11 लोगों को इस घटना में आरोपी मानकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। लेकिन पिछले हफ्ते झारखंड हाइकोर्ट ने भाजपा कार्यकर्ता समेत 8 लोगों की सजा पर रोक लगा दी।

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