छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में निष्पक्ष चुनाव को लेकर जेसीसी (जे) पहुंची निर्वाचन आयोग – संजीव अग्रवाल

पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन सौंपा

रायपुर : जनता काँग्रेस छत्तीसगढ़ जे के प्रवक्ता व मीडिया समन्वयक संजीव अग्रवाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि निष्पक्ष चुनाव के आयोजन के लिए उनकी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त, भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली (कैम्प रायपुर) को ज्ञापन सौंपा,

जिसमें तिलक राम देवांगन, संयोजक, केन्द्रीय चुनाव कार्यालय, जेसीसी (जे), विकास दुबे, प्रभारी महासचिव, केन्द्रीय चुनाव कार्यालय, जेसीसी (जे) और संजीव अग्रवाल, प्रवक्ता व मीडिया समन्वयक, जेसीसी (जे) प्रमुखता से शामिल थे।

छत्तीसगढ़ में निष्पक्ष चुनाव कराने हेतु जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की जो माँगें हैं वो निम्नलिखित प्रकार से हैं –

छत्तीसगढ़ में सरकार स्वयं शराब की ठेकेदारी कर रही है और दुकानें चला रही है। सत्ताधारी दल, इसका दुरुपयोग कर मतदाताओं को प्रभावित करेगा।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) यह मांग करती है कि चुनाव आयोग, छत्तीसगढ़ सरकार को मतदान के एक माह पूर्व प्रदेश की सभी शराब दुकानों को बंद करने निर्देशित करे अथवा प्रदेश की सारी शराब दुकान एवं फ़ैक्टरियों को अपने अधीन लेकर संचालित करे एवं राज्य में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करे।

राज्य सरकार मतदाताओं को प्रलोभन देने के उद्देश्य से सरकारी खज़ाने से ₹ 2000 करोड़ खर्च करके 51 लाख मोबाइल स्मार्ट फ़ोन, ठीक चुनाव के पहले बाँटने जा रही है। इस फ़ोन में ऐसे प्री-लोडेड साफ्टवेयर हैं जिससे मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रभावित भी करा जाएगा। अतः मोबाइल फ़ोन वितरण पर तत्काल रोक लगायी जाए।

छत्तीसगढ़ की अधिकांश आबादी अभी कृषि कार्य में व्यस्त है, ऐसे में मतदाता सूची में नाम जोड़ने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से 15 सितम्बर तक बढ़ाई जाए।

एक ही स्थान पर, दो वर्षों का कार्यकाल पूरा कर चुके, प्रदेश अधिकारियों एवं चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने वाले समस्त शासकीय कर्मचारियों का ट्रांसफर किया जाए।

बस्तर में मतदान, चुनाव आयोग के अन्य राज्यों से प्रति-नियुक्त केन्द्रीय पर्यवेक्षकों की देख रेख में हो, न कि राज्य सेवा में पदस्थ अधिकारियों के निगरानी में।

छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में चुनाव कराया जाए। पहले चरण में बस्तर संभाग, दूसरे चरण में सरगुज़ा संभाग एवं तीसरे चरण में शेष छत्तीसगढ़।

देश के विख्यात समाचार पत्रों एवं रिपोर्टों के अनुसार पिछले विधानसभा चुनावों में मतदान के दौरान, बस्तर क्षेत्र में जमकर धांधली की शिकायतें आयी थी।

भय का वातावरण बनाकर वोटों को प्रभावित किया गया। नतीजा यह हुआ कि बस्तर की सत्य घटनाओं पर आधारित न्यूटन जैसी फिल्मों ने पूरी दुनिया को बस्तर की अलोकतांत्रिक मतदान प्रक्रिया का सच दिखाया।

2018 चुनाव में बिना किसी भय और दबाव के बहु संख्या में लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करें, इस हेतु जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) यह मांग करती है कि चुनाव आयोग, बस्तर के सभी पोलिंग बूथ और समस्त अतिसंवेदनशील पोलिंग बूथों में मतदान के दौरान की वीडियो रिकाॅर्डिंग बनाए।

प्रदेश की भाजपा सरकार मतदान के पूर्व मतदाताओं को प्रभावित करने कुकर एवं टिफिन बांट रही है, जिस पर रोक लगाया जाना अत्यंत आवश्यक है।

मतदाताओं को प्रभावित करने के लिये प्रदेश की भाजपा सरकार शासकीय खर्च से भाजपा की विकास यात्रा निकाल रही है, जिस पर तत्काल रोक लगाया जाए।

विभिन्न एजेंसियों द्वारा चुनाव से पूर्व सर्वे घोषित किये जा रहे हैं, चूंकि एजेंसियाँ किसी न किसी पार्टी से जुड़ी रहती हैं, इससे विपरीत असर मतदान पर पड़ता है। अतः आपसे आग्रह है कि चुनाव पूर्व सर्वों पर तत्काल रोक लगाई जाय।

विदित हो कि, छत्तीसगढ़ में विगत चुनावों में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और मनमानी की ढेरों शिकायतें आई थीं। प्रदेश के विभिन्न संगठनों ने भी राज्य में विशेष कर बस्तर क्षेत्र में हुई गड़बड़ी की बात कही थी।

2018 के चुनाव को सर्व भागीदारी और निष्पक्षता के साथ कराए जाने के संदर्भ में, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने निर्वाचन आयोग के समक्ष विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा।

संजीव अग्रवाल ने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि, भारतीय निर्वाचन आयोग उपरोक्त विभिन्न बिंदुओं पर विचार करेंगा एवं संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग कर, छत्तीसगढ़ में निष्पक्ष एवं पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करेंगा। आयोग के जनहितकारी निर्णयों से देश का संविधान और लोकतंत्र और मजबूत होगा।

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