इंजीनियरिंग में दाखिले की प्रवेश परीक्षा जेईई मेन 2021 मंगलवार से शुरू

जेईई मेन 2021 के तहत फरवरी परीक्षा 23 से शुरू होकर 26 तक चलेगी

नई दिल्ली:जेईई मेन 2021 के तहत फरवरी परीक्षा 23 से शुरू होकर 26 तक चलेगी। कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। परीक्षार्थियों को दो घंटे पहले आना होगा। सामाजिक दूरी के नियमों के तहत दो कंप्यूटर के बीच दूरी रहेगी।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने इसके लिए 852 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा में 6,61,761 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। पहली बार 13 भारतीय भाषाओं में परीक्षा देने का मौका मिल रहा है। पिछले साल कोविड-19 के दौरान सितंबर में आयोजित परीक्षा के लिए 660 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

एनटीए ने सोमवार को परीक्षा केंद्रों में मॉक ड्रिल से तैयारियों का जायजा लिया। सभी राज्य सरकारों और पुलिस प्रशासन से परीक्षा के सफल आयोजन हेतू परिवहन सुविधा व सुरक्षा मुहैया करवाने की अपील की गई है।यूपी के चलते हिंदी में 76,459 रिकॉर्ड छात्रों ने किया रजिस्ट्रेशन: उत्तर प्रदेश में सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में 2021 सत्र से जेईई मेन से दाखिले होंगे।

वहीं, पहली बार हिंदी समेत 13 भारतीय भाषाओं में परीक्षा होनी है। जेईई के फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई परीक्षा के लिए असमी में 700, बंगाली में 24, 841, ओड़िया में 471, पंजाबी में 107, तमिल में 1264,तेलगू में 371, उर्दू 24, मलयालम में 398, कन्नड़ में 234, हिंदी में 76, 459 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश से कुल 2,27,962 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया है। इसमें से फरवरी सत्र में 7,10,672 छात्र परीक्षा में शामिल होंगे।

30 छात्रों पर एक जैमर तो 150 पैरामीटर से फुलप्रूफ :

हाईटेक मुन्नाभाई से परीक्षा को फुलप्रूफ बनाने के लिए एनटीए 40 हजार जैमर व आठ हजार से अधिक सीसीटीवी का प्रयोग कर रही है। परीक्षा में 30 छात्रों पर एक जैमर होगा। परीक्षा शुरू करने से पहले सिक्योरिटी और इंटरनेट थ्रेट भी जांचा जाएगा।

उधर,एनटीए मुख्यालय में सर्वर रूम, निगरानी रूम, पर्यवेक्षक रूम आदि का निरीक्षण करेंगे। एनटीए 150 पैरामीटर पर आधारित परीक्षा में देश के विभिन्न सेंटर में प्रश्न पत्र भेजने में इंटरनेट का प्रयोग नहीं करेगा। परीक्षा कंप्यूटर आधारित तो है पर ऑनलाइन नहीं। प्रश्न पत्र सेंटर में पहुंचने के बाद किस परीक्षार्थी के लॉगइन से लेकर प्रश्न कितनी बार खोला गया की जानकारी होगी।

बारकोड से एडमिट कार्ड स्कैन:

परीक्षा को मुन्नाभाइयों से बचाने के लिए परीक्षा केंद्र में बारकोड स्कैनर लगे होंगे। बिना किसी छात्र के एडमिट कार्ड को हाथ लगाए बारकोड स्कैनर से एडमिट कार्ड स्कैन हो जाएगा। स्क्रीन पर छात्र की सारी जानकारी जांच अधिकारी के सामने होगी।

कोविड-19 नियम तोड़ने पर परीक्षा से बाहर: यदि कोई छात्र परीक्षा केंद्र में कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं करता है तो उसे परीक्षा से बाहर कर दिया जाएगा। इसलिए एसओपी में छात्रों को सलाह दी गई है कि वे इन नियमों को अच्छे से पढ़ें और पालन करें।

छात्र इनका रखें ध्यान:

पारदर्शी बोतल में पीने के पानी घर से लाने की अनुमति है। 50 एमएल का निजी हैंड सेनेटाइजर भी ला सकते हैं। मेटल डिटेक्टर छात्र की जांच करेगा। इसलिए किसी प्रकार की धातू की वस्तु न लेकर आए। एडमिट कार्ड बारकोड स्कैनर से स्कैन होगा।

घर से कोविड-19 से संक्रमित नहीं है, का सत्यापित पत्र लाना होगा। परीक्षा में अंगूठा नहीं लगाना होगा। घर से सादे कागज पर अंगूठे का निशान और उस कागज पर अभिभावक का हस्ताक्षर होना जरूरी है। परीक्षा से संबंधित दस्तावेज एडमिट कार्ड और एक सरकारी फोटो पहचान पत्र लाना होगा।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button