छत्तीसगढ़

जीवनदायिनी मनकुन्दा नदी लगातार हो रही प्रदूषित, शासन प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की सुध नही

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट कवर्धा

कवर्धा:- कबीरधाम जिले की कवर्धा बोड़ला तहसील में स्थित एक ऐसी नदी जो 50 से 60 गाँवो की जीवनरेखा कही जाने वाली आज गहरी संकट में है जिस पर शासन प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा अनदेखा किया जा रहा है जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर पर स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना रामहेपुर के द्वारा अपना जहरीली अपशिष्ट पदार्थों तथा जल को सीधे नदी में प्रवाहित किया जा रहा है जिससे नदी का शुद्ध जल भी प्रदूषित हो गया है और पूरी तरह काली पड़ गयी है और बदबू करने लग गयी है

यह मनकुनंदा नदी बोड़ला ब्लॉक से निकलती हुई पोड़ी से बोधईकुंडा जरती, कोदवा, बटूराकछार, खड़ौदा, मदनपुर , सोनबरसा चारभाठा सोनपुर ,बरदुली , आछी , बानो और अन्य गाँवो से गुजरती हुई हाफ नदी में सहायक हो जाती है

ये नदी इन सब गांव एवम आस पास के सीमावर्ती गांव के जलस्तर को बढ़ाने में भी सहायक होती है इन सब गांव की सामाजिक एवं धार्मिक आवश्यकताओ की पूर्ति करने वाली मनकुंदा नदी इन सभी गांव की जीवनरेखा कही जाती है जिस पर भी सहकारी शक्कर कारखाना की नजर लग गयी है जो अपनी जहरीली पानी इस नदी पर लगातार प्रवाहित कर रही है जिन पर रहने वाली जलचर भी गहरे संकट में है

मानव जीवन के साथ साथ पशु पक्षी और जानवर भी बदबू और पूरी तरह से पानी खराब होने के कारण पी नही सकते तथा इस नदी के जल को किसी भी प्रकार से उपयोग में नही ला सकते ज्यादा समय यह चलता ही रहा तो यह नदी जो इन सब गांव की जीवनरेखा नही मृत्यु रेखा कहलाने लग जायेगी शासन प्रशासन मनकुंदा नदी की ओर अपना ध्यान आकर्षित कर जल्द ही निराकरण करें।

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