Jet Airways crisis: विलय की वजह से संकट में आई जेट

नई दिल्ली। कर्ज संकट से जूझ रही जेट एयरवेज की सभी उड़ानें अस्थायी तौर पर बंद है। अगर बैंक समाधान देने में कामयाब नहीं हो पाते हैं तो यह कंपनी बंद हो जाएगी। एविशन विशेषज्ञों का कहना है कि जेट संकट की वजह विलय और प्रोमोटर्स का गंभीर नहीं होना रहा है।

एविशन मामलों कि विशेषज्ञ हर्षवर्धन का मानना है कि एविएशन इंडस्ट्री में प्रोमोटर्स कारोबार को लेकर उतने गंभीर नहीं होते हैं जितने बाकी व्यापार में होते हैं। जेट के मामले में और दूसरी बंद हुई एयरलाइंस के मामले में भी ऐसा ही हुआ है। दूसरी मुख्य वजह रही है कंपनियों के बीच मर्जर। एरयलांइस कंपनियों के लिए मर्जर खतरनाक रहे हैं। जेट ने सहारा को खरीद कर और्र ंकगफिशर ने डेक्कन को खरीदकर और इंडियन एरलाइंस का एयरइंडिया में विलय करना गलत फैसला रहा है।

कंपनियों को खरीदने के आंकलन और खरीदने के बाद आए खर्चे में गंभीर अंतर रहा। जेट की बात की जाए तो सहारा को खरीदने में उसने बड़ी मात्रा में अपना कैश रिजर्व खाली कर दिया और कारोबारी प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए जरूरी खर्चों के लिए कर्ज पर निर्भर हो गया। समय के साथ साथ यही कंपनी के लिए कैंसर जैसा साबित हुआ और आज ये जमीन पर आ गई है।

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