जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने बकाया वेतन के लिए की राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग

नई दिल्ली : जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि वो बकाया सैलरी भुगतान के साथ-साथ एयरलाइन के लिए उस आपात निधियों के मामले में हस्तक्षेप करें जिसके कारण उन्हें अपना संचालन अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा।

नकदी के भारी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज में फिलहाल 23,000 कर्मचारी कार्यरत है और कंपनी इन्हें समय पर सैलरी का भुगतान नहीं कर पा रही है, इन कर्मचारियों में पायलट भी शामिल हैं। जेट एयरवेज के भविष्य को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच दो कर्मचारी संघों ने अब इस मामले पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। इसी हफ्ते ठीक इसी तरह का एक पत्र सोसाइटी फॉर वेलफेयर ऑफ इंडियन पायलट (एसडबल्यूआईपी) और जेट एयरक्रॉफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग वेलफेयर एसोसिएशन (जेएएमईडब्ल्यूए) ने सैलरी बकाया भुगतान के निपटान में मदद मांगी है।

पत्रों में कहा गया, “हम आपसे अनुरोध करते हैं कि इस स्थिति पर तात्कालिकता के साथ विचार करें, जिसकी जरूरत है और जेट एयरवेज (इंडिया) लिमिटेड के प्रबंधन को प्रभावित कर्मचारियों की बकाया राशि का भुगतान करने के लिए निर्देशित करें।” एक पत्र में कहा गया, “हम आपसे यह आग्रह भी करते हैं कि आपातकालीन धन के प्रबंध की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, क्योंकि इस वक्त हर मिनट और हर निर्णय महत्वपूर्ण है।”

गौरतलब है कि पूंजी के अभाव में बुधवार को परिचालन स्थगित करने से जेट एयरवेज के कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं।

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