जेट एयरवेज के 200 पायलटों ने वेतन नहीं मिलने के कारण सीईओ को लिखा पत्र

पायलटों ने व्यक्तिगत आधार पर चिट्ठी लिखी

मुंबई: वित्तीय संकट से जूझ रही 25 साल पुरानी प्राइवेट एयरलाइन जेट कंपनी के 200 पायलटों ने वेतन नहीं मिलने के कारण मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे को पत्र लिख कर एयरलाइन जेट को एक बार फिर संकट में डाल दिया है.

सूत्र ने कहा कि ये पायलट नेशनल एविएटर्स गिल्ड के सदस्य भी हैं. गिल्ड के एक अधिकारी ने पायलटों की संख्या के बारे में जानकारी दिए बिना बताया कि कुछ पायलटों ने व्यक्तिगत आधार पर सीईओ को पत्र लिखा है.

इससे पहले सोमवार (25 मार्च) को नरेश गोयल और उनकी पत्नी सुनीता गोयल को जेट एयरवेज के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया था. उनके साथ ही एतिहाद एयरलाइंस के एक प्रमोटर को भी बोर्ड से बाहर जाना पड़ा था.

जेट पर करीब 7000 करोड़ का कर्ज

आपको बता दें कि जेट पर करीब 7000 करोड़ रुपये का कर्ज है. पिछले कई महीने से कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिली है. विमानों का पट्टा नहीं दे पाने की वजह से 80 विमान अब तक ग्राउंडेड हो गए हैं. जेट को संकट से उबारने के लिए गोयल ने तमाम कोशिशें की लेकिन उनकी कोशिशें नाकाम रहीं. कंपनी को बैंकों की तरफ से 1500 करोड़ रुपये की मदद मिलने की उम्मीद है. पीएसयू बैंकों की तरफ से इस बारे में ऐलान किया जा चुका है.

कंपनी को बैंकों से मदद मिल जाएगी

गोयल के पद छोड़ने के बाद कंपनी को बैंकों से मदद मिल जाएगी. नरेश गोयल के पास जेट के 51 फीसदी शेयर है. एतिहाद ने साल 2013 में जेट में 4200 करोड़ का निवेश किया था, जिसके बाद कंपनी में उसकी हिस्सेदारी 24 फीसदी की हो गई थी. उस समय भी कंपनी की माली हालत काफी खराब हो गई थी. इस बार वित्तीय संकट में घिरने के बाद नरेश गोयल ने फिर से एतिहाद एयरवेज से निवेश करने के लिए कहा था, लेकिन बात नहीं बन सकी.

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