झारखंड: लड़की की भूख से मौत आधार कार्ड नहीं होने के कारण

झारखंड के सिमडेगा जिले में 11 साल की एक लड़की की भूख से मौत हो गई. संतोषी कुमारी नाम की इस लड़की ने 8 दिन से खाना नहीं खाया था जिसके चलते बीते 28 सितंबर को भूख से उसकी मौत हो गई.
स्क्रोल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक जिले के करीमति गांव में रहने वाले संतोषी के परिवार का सरकारी राशन कार्ड रद्द कर दिया गया था. इसकी वजह उसे आधार से लिंक नहीं कराया जाना बताया गया.
बीपीएल रेखा से नीचे रहने वाले संतोषी के परिवार के पास कोई नौकरी नहीं है, न ही इनके स्थायी आमदनी का कोई जरिया है, जिसके कारण परिवार पूरी तरह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के तहत मिलने वाले सरकारी राशन पर ही निर्भर था.
संतोषी के पिता मानसिक तौर पर बीमार हैं जबकि उसकी मां और बहन दोनों मजदूरी कर के एक दिन में मुश्किल से 90 रुपए तक कमा पाती हैं. संतोषी का परिवार बड़ी मुश्किल से किसी तरह घर का खर्चा चला रहा था लेकिन पिछले कुछ दिनों से किसी ने कुछ नहीं खाया था.

आधार कार्ड से राशन कार्ड लिंक नहीं कराने पर नहीं दिया राशन
संतोषी के परिवार को स्थानीय राशन दुकानदार ने यह कहकर राशन देने से मना कर दिया कि उन्होंने अपना आधार कार्ड राशन कार्ड से लिंक नहीं करवाया है. इसलिए उनका राशन कार्ड रद्द कर दिया गया है.

परिवार के किसी भी सदस्य के पास आधार कार्ड नहीं है. ‘राइट टू फूड कैंपेन’ के एक्टिविस्ट और नरेगा वॉच ने जब इसकी पड़ताल की तो उन्होंने पाया कि सरकारी राशन दुकानदार ने आधार कार्ड लिंक नहीं होने की वजह से संतोषी की मां कोयली देवी और 10 अन्य परिवारों के नाम राशन पाने वालों की लिस्ट से हटा दिया था.
जलडेगा ब्लॉक कार्यालय से कोयली देवी का राशन कार्ड रद्द होने की पुष्टि होने के बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनसे कोयली देवा का आधार कार्ड बनाने की विनती की. मगर जब कार्ड बनकर आया उससे दो हफ्ते पहले संतोषी भूख से लड़ते-लड़ते दम तोड़ चुकी थी.

संतोषी की मां ने बताया कि दुर्गा पूजा की छुट्टियों के चलते स्कूल बंद हो गया था. जिसके चलते संतोषी को वहां मिलने वाला मिड डे मील नहीं मिल सका. केंद्र सरकार ने इस साल फरवरी से आधार कार्ड को सरकारी राशन कार्ड से लिंक करवाना अनिवार्य कर दिया है.
वहीं, अधिकारियों ने भूख से मौत की बात से इनकार करते हुए संतोषी की मौत की वजह मलेरिया बताया है

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