झारखंड : खूंटी से तीनों जवान सुरक्षित वापस लौटे

झारखंड के खूंटी में सांसद करिया मुंडा के आवास से पत्थलगड़ी समर्थकों द्वारा अगवा किये गये तीनों हाउस गार्ड सुरक्षित हैं.

झारखंड के खूंटी में सांसद करिया मुंडा के आवास से पत्थलगड़ी समर्थकों द्वारा अगवा किये गये तीनों हाउस गार्ड सुरक्षित हैं. वे आज खुद चलकर खूंटी के साइको थाना सकुशल पहुंच गए.

दिन तक इन जवानों की तलाश में पुलिस गांव और जंगलों की खाक छानती रही थी. आखिरकार आज सुबह तीनों जवान सकुशल वापस आ गए. बीते तीन दिनों में पुलिस को जवानों से संबंधित कई अफवाहें सुनने को मिली. इस आधार पर उन्होंने कई बार छापेमारी भी की. कल शाम पुलिस को अचानक सूचना मिली की खूंटी से करीब 25 किलोमीटर दूर जंगल में स्थित एक स्कूल भवन में तीनों जवानों को रखा गया है.

इस सूचना पर रांची आईजी नवीन कुमार सिंह, डीआईजी एवी होमकर करीब 200 जवानों के साथ मुरहू थाना क्षेत्र के गुटियारा गांव पहुंचे. जवानों ने स्कूल को घेर लिया. तलाशी अभियान शुरू किया गया, लेकिन पुलिस के आने से पहले तीनों जवानों को कहीं और शिफ्ट कर दिया गया था. जवानों के स्कूल में नहीं मिलने के बाद पुलिस निराश होकर वापस लौट आई थी.

आपको बता दें कि बीजेपी सांसद करिया मुंडा के घर पर हमला कर पत्थलगड़ी समर्थकों ने उनके तीन सुरक्षा गार्डों को अगवा कर लिया था. जवानों के इंसास राइफ़ल भी लूट ली थी. इसके बाद पुलिस खूंटी में अगवा जवानों की रिहाई के लिए लगातार सर्च अभियान चलाती रही. आईजी नवीन कुमार और डीआईजी एवी होमकर ने छापेमारी टीम का नेतृत्व किया.

खूंटी से सटे सीमावर्ती इलाकों के नाकेबंदी कर दी गई थी. ऑपरेशन में अतिरिक्त जवान भी लगाए गये थे. दरअसल, खूंटी में 5 लड़कियों के गैंगरेप मामले में नाम आने के बाद कार्रवाई करने पहुंची पुलिस और पत्थलगड़ी समर्थकों के बीच जमकर टकराव हुआ. पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो जवाब में पत्थलगड़ी समर्थकों ने पुलिस पर तीर-धनुष से हमला कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी और ग्रामीण घायल हो गए. बाद में पथलगड़ी समर्थकों ने करिया मुंडा के घर से उनकी सुरक्षा में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को अगवा कर लिया.

दूसरी तरफ, खूंटी में हुए गैंगरेप को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने बड़ा खुलासा किया है. राष्ट्रीय महिला आयोग के अनुसार खूंटी की घटना पहले से ही तय थी. ध्यान हो कि पिछले सप्ताह खूंटी में एक गैर सरकारी संगठन की पांच कार्यकर्ताओं के साथ बंदूक की नोक गैंगरेप किया था. खूंटी की घटना सामने आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपनी तीन सदस्यीय टीम खूंटी भेजी थी. दल ने खूंटी का दौरा करने के बाद स्कूल के प्रबंधक फादर अल्फोंसो ऐन्ड के आचरण पर गंभीर सन्देह व्यक्त किया है.

प्रबंधक नुक्कड़ नाटक दल की इन पांच सदस्यों के अपहरण की अधिकारियों को जानकारी देने में कथित तौर पर विफल रहे. आयोग ने कहा , कि उसने (प्रबंधक ने) पीड़िताओं से कहा कि वह तथ्यों का किसी के समक्ष खुलासा नहीं करें.

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