जेएनसीएएसआर के शोधकर्ताओं ने जताई हिमालय में तेज भूकंप की आशंका

निकट भविष्य में मध्य हिमालय में 8.5 या उससे अधिक की तीव्रता का भूकंप

बेंगलुरु :

बेंगलुरु के जवाहर लाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (जेएनसीएएसआर) के भूकंप विशेषज्ञ सीपी राजेंद्रन के नेतृत्व में किए एक शोध से इसका पता चला है कि हिमालय में आने वाले उच्च तीव्रता के भूकंप की चेतावनी के बीच भारतीय शोधकर्ताओं ने भी इस खतरे से आगाह किया है।

इसमें कहा गया है कि निकट भविष्य में मध्य हिमालय में 8.5 या उससे अधिक की तीव्रता का भूकंप आ सकता है। वर्षों तक हिमालयी क्षेत्र में भूकंप के बारे में अध्ययन करने वाले अमेरिका के कोलोराडो विश्र्वविद्यालय में भूगर्भ विज्ञानी रोजर बिल्हम ने भी इसका समर्थन किया है।

‘जियोलॉजिकल जर्नल’ में प्रकाशित इस अध्ययन में मौजूदा डाटाबेस का मूल्यांकन करने के साथ ही खोजी गई दो नई जगहों पश्चिमी नेपाल में मोहना खोला और चोरगलिया (भारतीय सीमा के अंदर) के आकड़ों का भी मूल्यांकन किया गया है।

शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा प्रकाशित स्थानीय भूविज्ञान और संरचनात्मक मानचित्रों का उपयोग करने के साथ ही भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (इसरो) के कार्टोसेट-1 सेटेलाइट और गूगल अर्थ द्वारा भेजी गई तस्वीरों का उपयोग किया है।

शोधकर्ताओं का कहना है, ‘अध्ययन से हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि इस क्षेत्र में 1315 और 1440 के बीच 8.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आया था। इससे जहां मध्य हिमालय औसतन 15 मीटर खिसक गया था, वहीं 600 किलोमीटर क्षेत्र में दरार पड़ गई थी।

हालिया अध्ययन बताता है कि इस बड़े भूकंप के बाद यह क्षेत्र पिछले 600 से 700 साल से शांत पड़ा हुआ है, लेकिन इसके अंदर वर्षों से उथल-पुथल मची है। ऐसे में निकट भविष्य में इस क्षेत्र में 8.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आ सकता है।

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