JNU देशद्रोह मामला: कन्हैया कुमार, उमर खालिद, शेहला रशीद को बनाया आरोपी

दिल्ली पुलिस ने 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की

नई दिल्ली।

जेएनयू (JNU) में देशद्रोह के कथित मामले में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल ने पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। दिल्ली पुलिस ने आईपीसी की धारा 124A (देशद्रोह), 323 चोट पहुंचाना), 465 (जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज का उपयोग करना), 143 (गैरकानूनी तरीके से इक्ट्ठा होना), 149 (समान लक्ष्य के लिए गैरकानूनी तरीके से इक्ट्ठा होना), 147 (दंगा करना) और 120B (आपराधिक साजिश रचना) के तहत दाखिल की है। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर कोर्ट मंगलवार को विचार करेगा।

इस चार्जशीट में माकपा नेता डी राजा की बेटी अपराजिता, जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar), उमर खालिद (Omar Khalid) अनिर्बान, शेहला रशीद, अकीब हुसैन, मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, उमर गुल, रेयेया रसूल और बशीर भट समेत अन्य के नाम चार्जशीट में है।

पहले यह कार्रवाई हुई थी

उमर खालिद और दो अन्य छात्रों को 2016 में पैनल ने दोषी पाया था और उन्हें निष्कासित करने का फैसला सुनाया था। इसी पैनल ने उस वक्त जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर 10,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया था। इस मामले की सुनवाई जेएनयू की एक उच्च स्तरीय कमेटी कर रही थी, जिसने पैनल के फैसले को बरकरार रखा था।

फोन की लोकेशन सबूत

इस मामले में जो चार्जशीट दाखिल की गई है, उसमें वीडियो व फोन की लोकेशन को सबूत के तौर पर रखा गया है। दरअसल इस मामले को लेकर जो वीडियो पुलिस ने जब्त किए थे और जो अन्य वीडियो अलग-अलग श्रोतों से हासिल किए थे, उनकी फोरेंसिक जांच कराई गई है।

फेसबुक प्रोफाइल भी खंगाले गए

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आरोपियों के फेसबुक प्रोफाइल को खंगाला गया जिसमें कई सबूत उनके हाथ लगे। इनमें से एक आरोपी ने उस दिन हुई नारेबाजी की वीडियो अपने फेसबुक पर डाल रखी थी।

इन आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उन्हें यहां ज्यादा से ज्यादा छात्रों को लेकर आने के लिए कहा गया था। बता दें कि 9 फरवरी 2016 में जेएनयू कैंपस में अफजल गुरु की फांसी के विरोध में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें देशविरोधी नारे लगे थे।

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