मोहला के दूरस्थ गाँवों की लड़कियाँ कर रही एलजी इलेक्ट्रानिक्स में जॉब

कौशल विकास ने सच किया सपना, दुनिया की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों में शामिल एलजी में जॉब के लिए चयनित हुई 9 लड़कियाँ और 2 युवाओं का चयन

राजनांदगांव : मोहला विकासखंड के गाँव अड़मामोंदी, पद्दाटोला, पदगोंदी की हुनरमंद लड़कियों ने अपने आत्मविश्वास से पुणे में एलजी कंपनी तक का रास्ता तय कर लिया है। उन्हें इस मल्टीनेशनल कंपनी में इलेक्ट्रीशियन की जॉब मिली है। इन आदिवासी लड़कियों के लिए अपने गाँव की देहरी से निकलना भी एक जमाने में मुश्किल होता था लेकिन अपने सरकार द्वारा दिये गए कौशल विकास के प्रशिक्षण से और अपने आत्मविश्वास से वे पुणे जैसे महानगर में एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी कर रही हैं।

एलजी और सैमसंग जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने का सपना हर हुनरमंद का सपना होता है और इसकी राह भी बड़ी कठिन होती है लेकिन मोहला विकासखंड के दूरस्थ गाँवों की इन लड़कियों की राह तो कतई आसान नहीं रही। यह सब अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थीं, वे आर्थिक परेशानी झेल रही थीं लेकिन उनके पेरेण्ट्स उन्हें बाहर भेजने से हिचकते थे। कुछ मामलों में तो लड़कियों को घर वालों से कोई सहारा नहीं मिला, वे अपने रिश्तेदारों के यहाँ रहकर पढ़ती रहीं और आखिर में जब इन्होंने भी साथ छोड़ दिया तो भी पीछे नहीं हटी। कौशल विकास का प्रशिक्षण लिया और आज अपने सपनों को पूरा कर लिया है।

राजनांदगांव जिले के ग्यारह लड़के-लड़कियों का चयन पुणे स्थित एलजी इलेक्ट्रानिक्स में हुआ है। इन्हें आरंभिक रूप से 9 हजार रुपए की सैलरी दी जाएगी, इसके अतिरिक्त भोजन की सुविधा भी कंपनी द्वारा प्रदाय की जाएगी। ग्राम जोबटोला की रीतु मंडावी ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने की वजह से मेरी पढ़ाई प्रभावित हुई। फिर मेरी गाँव की दीदी ने मुझे बताया कि सरकार नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान कर रही है।

आप किसी भी कोर्स में पढ़ाई कर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। रीतु ने इलेक्ट्रिकल का कोर्स चुना। पेस सेंटर कुरूद से ट्रेनिंग की। रीतु की तरह ही अनुसूइया, राजेश्वरी और मंजू तथा अन्य लड़कियों ने भी यहाँ प्रशिक्षण किया और ट्रेनिंग सफलतापूर्वक समाप्त की। एलजी ने इनका कैंपस टेस्ट लिया और इनके सपनों को पंख लग गए। मोहला की यह लड़कियाँ अब पुणे जैसे महानगर में अपनी सफलता की राह बनाएंगी।

लड़के भी चयनित –

कुम्हली के आदिवासी युवक कुंवर सिंह और दीनानाथ कोर्राम का चयन भी एलजी में हुआ है। उन्होंने बताया कि कौशल विकास ने हमें नई दिशा दी है। अपने हुनर के बूते हम अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं और हर मंजिल इसके चलते हमारे लिए आसान हो जाएगी।

मिथक तोडऩे वाली सफलता

इन ग्यारह चयनित युवक-युवतियों को सफलता के लिए कलेक्टर भीम सिंह ने विशेष सराहना की है। उन्होंने कहा कि इन लड़कियों ने कमाल की उपलब्धि हासिल की है। मोहला के छोटे गाँवों से आई ये लड़कियाँ जिले की उन सभी लड़कियों के लिए रोल मॉडल हैं जो जीवन में बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करना चाहती हैं। अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में इनकी कड़ी मेहनत ने आज इन्हें पुणे के एलजी इलेक्ट्रानिक्स की देहरी में खड़ा कर दिया है जो दुनिया की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों में से एक है। यह अभी बहुत छोटी शुरूआत है और अपने हुनर से यह लड़के-लड़कियाँ और भी आगे जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के जिले में बेहतर संचालन के लिए सहायक संचालक कौशल विकास प्राधिकरण रश्मि सिंह एवं प्रिंसिपल लाइवलीहुड कॉलेज देवेंद्र माहेश्वरी की विशेष प्रशंसा भी की।

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