पुलिस कर्मियों के समर्थन में आए जोगी, दिया ये संदेश

रायपुर।

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी पुलिस कर्मियों के नाम सन्देश दिया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि किसी राज्य में अगर प्रशासन ही शासन से तंग आकर आंदोलन छेड़ दे तो यह समझ लेना चाहिए कि वो राज्य अपनी बर्बादी के चरम पर पहुँच चुका है और उस राज्य में कुछ भी ठीक नही हो रहा है। छत्तीसगढ़ के पुलिस कर्मियों द्वारा सरकार के विरुद्ध किया जा रहा आंदोलन इसका जीवंत उदहारण है।

श्री जोगी ने आगे लिखा है कि छत्तीसगढ़ में उत्पन्न इस भयावह स्थिति के लिए मैं पूरी तरह से राज्य सरकार को दोषी मानता हूँ। पब्लिक के साथ साथ अब पुलिस भी सरकार से त्रस्त हो चुकी है। छत्तीसगढ़ राज्य के प्रति भाजपा सरकार की नीति और नियत दोनों गम्भीर नही है।

एक तरफ खूँखार नक्सलियों को आत्मसमर्पण के नाम पर बुला बुला कर तोहफे दिए जा रहे हैं, बड़े आयोजन कर सम्मान किया जा रहा है, उन्हें नौकरियां दी जा रही है वहीं दूसरी ओर पुलिस कर्मियों के परिजनों को राजविद्रोही कहा जा रहा है। यह किस तरह का शासन है? जो समस्या बातों से सुलझ सकती थी उसे दबाव और प्रताड़ना के बल पर सुलझाने का असफल प्रयास किया जा रहा है।

राज्य में फैली इस अराजकता के लिए मुख्यमंत्री सीधे तौर पर दोषी हैं। मुख्यमंत्री ने अब तक केवल अपने स्वार्थ के लिए पुलिस कर्मियों का दुरुपयोग किया है। न तो पुलिस रिफॉर्म्स पर ध्यान दिया और न ही पुलिस और पब्लिक में विश्वास और सामन्जस्य बनाने के लिए कोई कार्य किया।

उन्होंने लिखा- मैं छत्तीसगढ़ के पुलिस कर्मियों और जनता से यह वादा करता हूँ कि मेरी सरकार बनते ही आम जनता के हित में ‘खुश और चुस्त पुलिस’ , ‘खुश और सुरक्षित जनता ‘ मॉडल लागू किया जाएगा। मैं स्वयं एक आईपीएस अधिकारी रहा हूँ।

छत्तीसगढ़ के पुलिस कर्मियों की पीड़ा से भली भांति परिचित हूँ। इस समय दिल्ली में स्वास्थ लाभ लेने के कारण पुलिस कर्मियों के आंदोलन में उपस्थित होने में असमर्थ हूँ किन्तु मेरे दल, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का प्रत्येक कार्यकर्ता पुलिस परिजनों के साथ इस आंदोलन से जुड़ा है। हमने जनता के हित के लिए पुलिस की लाठीयाँ खाई है और अब पुलिस हित के लिए सरकार की लाठी भी खाने को तैयार हैं।

Back to top button